
रायपुर. देवउठनी एकदशी के बाद कोरोना काल में विवाह समारोह शुरू हो चुके हैं। राजधानी में होने वाली शादियों का स्वरुप बदल चुका है। अब अधिकांश शादियां दिन में हो रही हैं। समारोह से भव्यता कम हो गई है। महज 15 से 20 बरातियों के बीच ही विवाह हो रहे हैं।
गुरुवार को जिले में 100 से ज्यादा शादियों के लिए आवेदन को अनुमति दी गई। जिसमें अधिकांश अनुमति दिन की शादी के लिए ली गई है। होने वाली शादियों के बरात में डीजे की धुन में गिने-चुने बाराती ही थिरकते नजर आए। कम लोगों के उपस्थिति में विवाह की अनुमति मिलने के कारण मैरेज परिसर खाली दिखाई पड़ रहे हैं। छोटे सामुदायिक भवन और घर के सामने छोटे टेंट लगाकर विवाह सपन्न कराया जा रहा है।
बिना अनुमति के भी हो रहे हैं विवाह
लंबे समय से रुकी हुई शादियों के बाद अब कुछ लोग जिला प्रशासन को सूचना दिए ही विवाह कार्यक्रम कर रहे हैं। कोटा कॉलोनी में दो जगहों पर विवाह पर ओपन आर्केस्ट्रा के माध्यम से बारात निकाली गई। जिला प्रशासन विवाह कार्यक्रम का च्वाइस सेंटर के माध्यम से अनुमति दे रहा है। लेकिन विवाह में बैंड व डीजे के लिए अलग से एडीएम कार्यालय से अनुमति लेनी है। इसकी जानकारी लोगों को नहीं होने के कारण बिना अनुमति के ही डीजे बजाया जा रहा है।
जांच नहीं, मास्क बिना ही नाच-गाना
पत्रिका ने कुछ विवाहोत्सव की पड़ताल की तो कार्यक्रम में लोगों की संख्या सीमित देखने को मिली, लेकिन बारात और शादी में लोग मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग से बच रहे हैं। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ 200 लोगों की उपस्थिति में ही विवाह करना है।
आतिशबाजी भी हुई
कलेक्टर ने विवाह कार्यक्रम में आतिशबाजी पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, लेकिन सभी जगह पटाखे फूटते नजर आए। इस तरह जिला प्रशासन से मिले आदेश का उल्लंघन देखने को मिला।
Published on:
27 Nov 2020 12:12 am
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