
राफेल सौदे के आरोपों पर जांच कराने से मंत्री रविशंकर ने किया इनकार
रायपुर. रफाल विमान सौदे पर चौतरफा घिरी केंद्र सरकार ने आरोपों की जांच कराने से फिर इनकार किया है। चुनाव प्रचार के लिए रायपुर पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा, राहुल गांधी के अहं की संतुष्टि के लिए सरकार इन्क्वायरी सेटअप नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, उनके लिए देश की सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है। प्रसाद ने आरोप लगाया कि रफाल सबसे आधुनिक लड़ाकू जहाज है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि भारत को रफाल मिले। राहुल गांधी और कांग्रेस भी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने प्रशांत भूषण के आरोपों को भी खारिज कर दिया। उनका कहना था, प्रशांत भूषण का पहले से ही भाजपा से ऐसा ही प्रेम रहा है।
रफाल पर एक नई कहानी
केंद्रीय मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, वायु सेना के लिए जहाजों की खरीदी प्रक्रिया अटल बिहारी वाजपेयी के समय शुरू हुई थी। 2004 में एनडीए की पराजय के बाद कांग्रेस आ गई। कई वर्ष इस प्रक्रिया को रोके रखकर इन्होंने इसे शुरू किया। बाद में फिर रोक दी। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि मोटा कमीशन नहीं मिलने की वजह से कांग्रेस ने यह सौदा रोका। उनका कहना था, गांधी परिवार और कांग्रेस दक्षिणा लिए बिना कोई डील नहीं करते।
लाल आतंक से डरे केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद माओवादी हमले के डर से बस्तर में चुनाव प्रचार करने नहीं गए। उन्हें दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में चुनावी सभा को संबोधित करना था। रायपुर में उन्होंने बताया, सुरक्षा कारणों से उस सभा में जाना स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा, उन्हें माओवादियों का डर नहीं है, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों का भी सम्मान करना पड़ेगा। हालांकि राज्य पुलिस ने ऐसे किसी खतरे से इन्कार किया है।
बस्तर आइजी विवेकानंद ने पत्रिका को बताया, किसी नेता को आने से मना नहीं किया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की चार जनसभाएं इसी क्षेत्र में हुई हैं। हालांकि आयोजकों ने बाद में किरुदुल की चुनावी सभा रद्द कर दी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुडा सोमवार को दोनों सभाओं में नहीं पहुंच सके।
Published on:
30 Oct 2018 08:06 am
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