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भिलाई स्टील संयंत्र हादसा : हादसे के 24 घंटे में मंत्री ने CEO को हटाया, जीएम-डीजीएम सस्पेंड

से पहले केन्द्रीय मंत्री ने सेल चेयरमैन व बीएसपी अधिकारियों के साथ बैठक की

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CM Raman singh

भिलाई स्टील संयंत्र हादसा : हादसे के 24 घंटे में मंत्री ने CEO को हटाया, जीएम-डीजीएम सस्पेंड

भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन गैस पाइप लाइन में विस्फोट के 24 घंटे के भीतर सीइओ एम रवि को पद से हटा दिया गया, साथ ही जीएम सेफ्टी पांडया राजा और ऊर्जा एवं प्रबंधन विभाग के डीजीएम नवीन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। बीएसपी के इतिहास में यह पहली बार है जब सीइओ को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया हो।

इस बीच हादसे में मरने वाले कर्मियों की संख्या 12 हो गई है। बुधवार दोपहर को आइसीयू में भर्ती इएमडी डिपार्टमेंट के कर्मी दुर्गेश सिंह राठौर की उपचार की दौरान मौत हो गई। बुधवार को केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह भिलाई पहुंचे। सबसे पहले केन्द्रीय मंत्री ने सेल चेयरमैन व बीएसपी अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद सीइओ को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया।

उन्होंने माना कि हादसा बेहद गंभीर है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इधर, एम्स दिल्ली के बर्न विभागाध्यक्ष डॉ मनीष सिंघल भी भिलाई पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में किए जा रहे उपचार पर संतोष जाहिर किया।

पीडि़तों से मिले सीएम व केंद्रीय मंत्री : केंद्रीय इस्पात मंत्री और मुख्यमंत्री बुधवार सुबह इस्पात मंत्री सुबह 11.30 बजे भिलाई पहुंचे। उन्होंने सेक्टर-9 अस्पताल में दाखिल मरीजों के इलाज के संबंध में जानकारी ली। घायलों का हाल जाना। परिजन को भरोसा दिलाया कि इलाज में कोई कसर नहीं रहेगी। बीएसपी के अफसरों और दुर्ग जिला प्रशासन से घटना के बारे में जानकारी ली।

शव पहचानने में संशय, अब सभी का होगा डीएनए : बुरी तरह जल चुके कर्मियों के शव पहचानना मुश्किल था। किसी तरह परिवार उनको पहचान रहे थे, इसके बाद पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, लेकिन एक शव की पहचान को लेकर संशय होने पर सभी का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने तक शव को विशेष लेप लगाकर रखा जाएगा।

एक और कर्मी की मौत : सेक्टर-९ अस्पताल के आइसीयू में भर्ती इएमडी के कर्मी दुर्गेश सिंह राठौर की बुधवार दोपहर उपचार की दौरान मौत हो गई। वहीं झुलसे हुए 12 कर्मियों का उपचार बर्न यूनिट में चल रहा है।

मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख व नौकरी
केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह बुधवार को भिलाई पहुंचे। उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट हादसे में मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 15-15 लाख रुपए तथा मामूली रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की।

उन्होंने मारे गए कर्मियों के परिवार से एक सदस्य के लिए नौकरी की व्यवस्था करने की घोषणा की।केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिवारों को मुआवजे के अलावा कंपनी द्वारा 33 लाख से लेकर 90 लाख रुपए तक समस्त वेतन और अन्य भत्ते मिलेंगे। उन्होंने भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) को निर्देश दिया कि दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए रोजगार और बच्चों के लिए स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करे।

मंत्री और सेल चेयरमैन को गेट पर रोका
सेक्टर-९ अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती 12 कर्मियों से मिलने पहुंचे सेल के चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी, प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, विधायक विद्यारतन भसीन, विधायक सांवलाराम डाहरे सहित अन्य नेताओं को गेट पर रोक दिया गया। सुरक्षा और इंफेक्शन को देखते हुए उन्हें पीडि़तों मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

अरुण कुमार रथ को सीइओ का प्रभार
अरुण कुमार रथ को भिलाई इस्पात संयंत्र के सीइओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस्पात मंत्री की बैठक के बाद से ही उनका नाम चर्चा में था। अरु ण कुमार अभी दुर्गापुर इस्पात संयंत्र के सीईओ हैं।

अब तीन कमेटियां करेंगी हादसे की जांच
सेल बोर्ड की कमेटी : चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है जिसको सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपना है।
मजिस्ट्रियल जांच : कलक्टर उमेश अग्रवाल ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
हाईपॉवर कमेटी : इस्पात मंत्री के निर्देश पर देशभर के विशेषज्ञों की कमेटी हादसे की जांच के लिए बनेगी।