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नाबालिग पीड़िता को मिला इंसाफ, दुष्कर्म के आरोपी को मिली 10 साल की कड़ी सजा

नाबालिग 8 मई 2015 को अपने घर में अकेली थी। माता-पिता काम पर गए थे। दोपहर 3 बजे के लगभग पीड़िता के पिता धर आए तो देखे कि पीड़िता घर में नहीं थी। तब उसने पीड़िता का आसपास पता तलाश किया, लेकिन पीड़िता का पता नहीं चला।

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जांजगीर-चांपा. नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) ने 10 साल कठिन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन के अनुसार 15 वर्षीय नाबालिग 8 मई 2015 को अपने घर में अकेली थी। माता-पिता काम पर गए थे। दोपहर 3 बजे के लगभग पीड़िता के पिता धर आए तो देखे कि पीड़िता घर में नहीं थी। तब उसने पीड़िता का आसपास पता तलाश किया, लेकिन पीड़िता का पता नहीं चला।

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तब उसने यह संदेह करते हुए कोई अज्ञात व्यक्ति पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है कहकर शिवरीनारायण थाना में रिपोर्ट किया। विवेचना के दौरान सूचना मिलने पर पीड़िता हिमाचल प्रदेश में है, 31 जुलाई 2015 को सरदार ज्ञान सिंह र्के इंट भट्ठा भलपुर थाना बट्टी हिमाचय प्रदेश की तलाशी लेकर पंचनामा तैयार किया गया। पीड़िता को बरामद कर बरामदगी पंचनाम तैयार कर गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूर्ण अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिस पर अभियोजन ने तर्क दिया कि 15 वर्ष की मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म करना गंभीर अपराध है, जिस पर आरोपी को कठोर से कठोर सजा दी जाए।