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मिशन अमृत सरोवर: जल संरक्षण के लिए सभी जिलों में नई तकनीक से बनाए जाएंगे 75 तालाब

Mission Amrit Sarovar: 'मिशन अमृत सरोवर’ का उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 तालाबों का “निर्माण या विकास” करना है।

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मिशन अमृत सरोवर: जल संरक्षण के लिए सभी जिलों में नई तकनीक से बनाए जाएंगे 75 तालाब

मिशन अमृत सरोवर: जल संरक्षण के लिए सभी जिलों में नई तकनीक से बनाए जाएंगे 75 तालाब

Mission Amrit Sarovar: रायपुर. सतही और भूमिगत जल की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए रिमोट सेंसिंग और भू-स्थानिक जैसी नवीनतम तकनीकों के उपयोग से प्रदेश के हर जिले में कम से कम 75 तालाब बनाए जाएंगे। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से मिशन अमृत सरोवर के तहत ये तालाब (सरोवर) बनाए जाएंगे। जिन गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग पोटेंशियल के नवीन स्थल उपलब्ध नहीं हैं, वहां पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार कर उनका विकास एवं कायाकल्प किया जाएगा। मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत बनने वाले इन तालाबों को अमृत सरोवर नाम दिया गया है। मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने सभी जिलों के कलेक्टर को परिपत्र जारी कर समय-सीमा के भीतर इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

क्या है अमृत सरोवर मिशन
मिशन अमृत सरोवर का उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 तालाबों का निर्माण और विकास करना है। अमृत सरोवर मिशन के हिस्से के रूप में, प्रत्येक तालाब में कम से कम 1 एकड़ (4 हेक्टेयर) का जल-क्षेत्र होगा जिसमें लगभग 10,000 घन मीटर तक की जल धारण क्षमता होगी। इस मिशन में शामिल लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी ग्रामीण जिलों को, हर जिले में कम से कम 75 तालाब, कुल मिलकर देश भर में लगभग 50,000 अमृत सरोवरों विकसित करने का निर्देश दिया गया है।

रिमोट सेंसिंग और जीओ- स्पेशियल तकनीकों का होगा इस्तेमाल
मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत हर जिले में रिमोट सेंसिंग एवं जीओ-स्पेशियल तकनीकों का उपयोग करते हुए कम से कम 75 सरोवरों (तालाबों) का निर्माण किया जाएगा। कम से कम एक एकड़ (0.4 हेक्टेयर) क्षेत्रफल में बनने वाले ऐसे प्रत्येक तालाब की जलधारण क्षमता करीब दस हजार घनमीटर होगी।

अमृत सरोवर पोर्टल का किया जाएगा उपयोग
अमृत सरोवर के निर्माण के लिए स्थल चयन, उनकी सूची तैयार करने, निर्माण की प्रगति की निगरानी एवं उससे सम्बंधित दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशन एंड जियोमैटिक्स-नेशनल (बाईसेग-एन) द्वारा विकसित अमृत सरोवर पोर्टल के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।

यह हैं अमृत सरोवर मिशन में शामिल मंत्रालय
अमृत सरोवर मिशन पूरे सरकारी दृष्टिकोण के साथ शुरू किया गया है जिसमें 6 मंत्रालय या विभाग शामिल है-
ग्रामीण विकास विभाग,
भूमि संसाधन विभाग,
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग,
जल संसाधन विभाग,
पंचायती राज मंत्रालय,
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय।
भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) को मिशन के लिए तकनीकी भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया है।

अमृत सरोवर मिशन का कार्यान्वयन
अमृत सरोवर के स्थल को विशेष ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाएगा, जिसे पंचायत पार्टी निधि के रूप में जाना जायेगा जो अमृत सरोवर के विकास की निगरानी करेगा। चयनित सभी स्थलों पर सरोवर के निर्माण के लिए ग्राम सभा का अनुमोदन अनिवार्य होगा। अमृत सरोवर के निर्माण और विकास कार्य की निगरानी के लिए ग्रामसभा द्वारा एक पंचायत प्रतिनिधि का भी चयन किया जाएगा।

मिशन में शामिल जन भागीदारी
अमृत सरोवर मिशन में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना इस मिशन का केंद्र बिंदु है। इन प्रयासों को पूरा करने के लिए नागरिकों और गैर-सरकारी संसाधनों को जुटाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। अमृत सरोवर मिशन समुदाय की सामूहिक भावना को जागृत करने के उद्देश्य से शुरू की गयी एक पहल है। स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों, स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों, शहीदों के परिवार के सदस्यों, पद्म पुरस्कार विजेता और स्थानीय क्षेत्र के नागरिकों को जहां अमृत सरोवर का निर्माण किया जाना है, सभी चरणों में शामिल किया जाएगा। 15 अगस्त को प्रत्येक अमृत सरोवर स्थल पर राष्ट्रीय ध्वजारोहण का आयोजन किया जाएगा।