
साधु बनकर बेटी को बधाई देने पहुंचा सीरियल किलर पकड़ाया, 7 लोगों की बेरहमी से उतारा था मौत के घाट
रायपुर. बहुचर्चित कुकुरबेड़ा हत्याकांड का फरार आरोपी अरुण चंद्राकर रविवार सुबह पकड़ा गया। पिता-पत्नी सहित सात लोगों की बेरहमी से हत्या करके जमीन में गाडऩे वाला सीरियल किलर साधु के वेश में अपनी बेटी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचा था। वह करीब साल भर पहले दुर्ग कोर्ट से पेशी के दौरान फरार हो गया था।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी नीथू कमल ने बताया कि रविवार को उसकी 12 वर्षीय बेटी का जन्मदिन था। अरुण उसे बधाई देने और उसके लिए गिफ्ट व सामान लेकर पहुंचा था। बेटी से मिलकर लौटते समय मोहल्ले के कुछ लोगों ने उसे पहचान लिया। फिर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। रेलवे क्रासिंग के पास घेराबंदी कर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बताया जाता है कि एक-दो बार पहले भी अरुण अपनी बेटी से मिलने आ चुका था। उसे पैसे व सामान देकर जा चुका है।
इसकी भनक लगने पर पुलिस ने मोहल्ले में अपना मुखबिर सक्रिय कर दिया था। बेटी के जन्मदिन पर उसके आने की संभावना को देखते हुए मोहल्ले वालों को भी अलर्ट कर दिया था। अरुण ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। दाड़ी-मूंछ बढ़ाकर साधु का वेश धारण कर लिया था। उसे कोई पहचान नहीं पा रहा था।
पिता से लेकर पत्नी तक 7 की हत्या
अरुण चंद्राकर आदतन चोर था। दुर्ग जेल में रहते हुए उसकी मुलाकात रायपुर के मंगलू देवार से हुई। इसके बाद वह रायपुर के हीरापुर में रहने लगा। रायपुर में सबसे पहले उसने अपने मकान मालिक बहादुर सिंह की हत्या की। उसे उसी के मकान में दफना दिया। मंगलू के मोहल्ले कुकुरबेड़ा में आकर रहने लगा। यहीं उसने लिली देवार से प्रेम विवाह किया। इसके बाद लिली के मामा संजय सिंह की हत्या कर दी।
इसकी जानकारी लिली को हो गई, तो उसकी भी हत्या कर दी। लिली के गायब होने के बाद उसकी पत्नी की बहन पुष्पा और उसके पति को अरुण पर शक हुआ, तो उसने दोनों की भी हत्या कर दी थी। वर्ष 2012 में मोहल्ले की एक बालिका के गायब होने के मामले में पुलिस जांच के लिए कुकुरबेड़ा पहुंची। इस दौरान लिली, उसकी बहन, मामा के लापता होने का पुलिस को पता चला। पुलिस ने अरुण से पूछताछ की। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। अरुण ने अपने पिता और एक अन्य महिला की हत्या करना कबूल किया है।
Published on:
04 Feb 2019 08:51 am
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