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NCRB Report 2017: सबसे अधिक अपराध दर वाले राज्यों में शुमार हुआ छत्तीसगढ़

पिछले दिनों जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया-2017 ने छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक अपराध दर वाले राज्यों में शुमार किया है।

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रायपुर. कभी शांति का टापू कहा जाने वाला छत्तीसगढ़ पिछले कुछ वर्षों में काफी बदला है। पिछले दिनों जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) की रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया-2017 ने छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक अपराध दर वाले राज्यों में शुमार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में प्रदेश के थानों में कुल 90,516 अपराधिक मामले दर्ज हुए। प्रति एक लाख जनसंख्या पर अपराध के मान से इसकी दर 344.3 आंकी गई है। यह दर प्रदेश को देश के 36 राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों में 10वें स्थान पर रख रही है।

अपराधियों की इस सूची में भारतीय दंड संहिता में परिभाषित अपराधों की संख्या 58 हजार 481 है। मतलब 222.5 की अपराध दर। इसमें भी प्रदेश 12वें स्थान पर है। राज्य के स्थानीय कानूनों के तहत 32 हजार 35 मामले दर्ज हैं।

सड़कों पर चली गई 3980 लोगों की जान
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में छत्तीसगढ़ के 3 हजार 980 लोगों की जान सड़क पर हादसों की वजह चली गई। 1 हजार 847 मामले हिट एंड रन के हैं। मतलब सड़क पर पीड़ित को टक्कर मारने वाला मौके से भाग गया। वहीं 213 मौतें दूसरी तरह की दुर्घटनाओं में हुई है।

जनसंख्या के अनुपात में सड़क दुर्घटनाओं की राष्ट्रीय दर 7.1 रहा, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह दर 14 है। देशभर के राज्यों की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर हैं। केवल तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश ही छत्तीसगढ़ से आगे हैं।

एडीजी आरके विज बताते हैं कि यहां लोग लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हैं। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा, विभाग सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर सुधार में जुटा हुआ है। तेज गति से वाहन चलाने वालों को रोकने के लिए रंबल स्ट्रिप लगाने के साथ सुधार के दूसरे उपाय अपना रहा है।

अपराध वाले शीर्ष राज्य
केरल - 1118.4
दिल्ली - 1107
हरियाणा - 802
तमिलनाडु - 602
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह - 531.6
गुजरात - 525
मध्य प्रदेश - 478.6
महाराष्ट्र - 383.4
तेलंगाना - 358
छत्तीसगढ़ - 344.3

पहले दो वर्षों में दर्ज अपराधों की तुलना
वर्ष 2015 अपराध - 87255
वर्ष 2016 अपराध - 84192

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