
छत्तीसगढ़ की नीलम शर्मा मिसेज इंडिया आइवा का क्राउन किया हासिल
शहर की नीलम शर्मा ने पिछले दिनों पोर्ट ब्लेयर में आयोजित मिसेज इंडिया आइवा कैटेगिरी का क्राउन हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब बैंकाक में नवंबर में होने वाले मिसेज एशिया फैसिफिक में हिस्सा लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ व देश का मान बढ़ाना चाहती हैं। मिसेज इंडिया आइवा प्रथम रनर अप बनकर पोर्ट ब्लेयर से लौटीं नीलम काफी खुश हैं। हालांकि कुछ प्वाइंट्स के अंतर से विनर नहीं बन पाईं, पर उन्हें मलाल भी नहीं है। अब वे देश से बाहर होने वाले इवेंट की तैयारी में जुट गई हैं।
देशभर से प्रतिभागी शामिल
ज्ञात हो कि 2016 से शुरू हुए आइवा अवार्ड सेरेमनी का पोर्टब्लेयर में 15 सिंतबर को 2018 सेशन का इवेंट था। जिसमें देश भर के हजारों प्रतिभागियों के बीच हुए आडिशन में फाइनल राउंड के लिए 13 पार्टसिपेट सलेक्ट हुए। ग्रैंड फिनाले कांटेस्ट के पहले पांच दिन अलग -अलग एक्टिविटीस से होकर सभी पार्टसिपेट्स को गुजरना पड़ा। जिसमें प्रमुख रूप से कैटवाक, फोटो शूट, डासिंग, डोमेस्टिक वाइलेंस पर प्रस्तुतिकरण, जनरल नॉलेज, सोशल एक्टिविटी से लेकर और भी राउंड के आधार पर देश के बेस्ट जजेस की पारखी नजर से होकर वे गुजरे तब कहीं जाकर उन्हे मिसेज इंडिया आईवा प्रथम रनर अप का क्राउन मिला।
पहली बार मिसेज आइवा अवार्ड
अपने परफार्मेंस से संतुष्ट नीलम का मानना है कि अब वे इस इवेंट्स से आगे जाकर बैंकाक में नवंबर 2018 में होने वाले मिसेज एशिया फैसिफिक और 2019 में यूएस इंटरनेशनल जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय इवेंट की तैयारी में जुटी गई है। छत्तीसगढ़ से पहली बार किसी ने मिसेज इंडिया आईवा प्रथम रनर अप का क्राउन जीता है। किसी इवेंट में शामिल होने के अलावे फिटनेस के लिए कम से कम चार घंटे का समय रोजाना योग, डांस, रोप स्किपिंग जैसे एक्टिविटीस से अपने को जोड़कर रखती हैं।
हर वूमेन्स का होता है सपना
वह भी एक सामान्य वूमेन्स है, उनका भी अपना परिवार है, बच्चे हैं, पति हैं, सबकी जिम्मेदारी है। उनके लिए पूरा समय देती हैं, खुशी इस बात की है कि हर कदम पर उन्हें परिवार का पूरा सपोर्ट मिला। हर महिला का अपना सपना होता है, लेकिन सबको साथ लेकर, अपने मन की सोच सोसायटी के साथ मिलकर चलने से ही सफलता मिल सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ की बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन करें ऐसा नीलम का मानना है। जहां तक इस फील्ड का सवाल है, वह हर किसी को गाइड करने तैयार है। जहां उनकी आवश्यकता होगी वे हमेशा उपलब्ध रहेंगी। 2004 में संयुक्त रूप से लगातार आठ घंटे गायन में लिमका बुक में भाग ले चुकी हैं। महाकौशल कला वीथिका व शहर के अन्य आयोजन में वे हिस्सा लेती रही हैं।
Published on:
21 Sept 2018 05:17 pm

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