19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना से बचने आंबेडकर अस्पताल में नई व्यवस्था, 24 घंटे रहेंगे डॉक्टर

'पत्रिकाÓ की खबर के बाद अस्पताल प्रबंधन ने लागू की व्यवस्था

2 min read
Google source verification
कोरोना से बचने आंबेडकर अस्पताल में नई व्यवस्था, 24 घंटे रहेंगे डॉक्टर

कोरोना से बचने आंबेडकर अस्पताल में नई व्यवस्था, 24 घंटे रहेंगे डॉक्टर

रायपुर. राजधानी के आंबेडकर अस्पताल में बुधवार से लागू नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने में काफी मदद मिलेगी। अस्पताल ने पत्रिका की खबर के बाद नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत गुरुवार को मरीजों को दिखाने के लिए गेट-१ आंबेडकर मूर्ति के पीछे मरीजों के लिए नया प्रवेश द्वार बनाया गया है। हालांकि, इससे मरीजों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। इलाज कराने वाले लोगों को धूप में लाइन लगानी पड़ रही है। लेकिन वे शांतिपूर्वक खड़े रहकर सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबध्ंान की नई व्यवस्था सराहनीय है। थोड़े समय धूप में खड़े होने से कोरोना संक्रमण से लोग बचे रहेंगे।
स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश
आंबेडकर अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को स्क्रीनिंग के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। पत्रिका में 22 मई को छपी खबर के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अस्पताल प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू किया है। ओपीडी में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए गेट-1 से व्यवस्था की गई है। गेट-1 पर 12 डॉक्टरों की टीम को तैनात किया गया है, जो मरीजों की पूरी हिस्ट्री ले रहे हैं। यदि कोरोना के लक्षण वाला संभावित मरीज मिल रहे हैं तो उन्हें अस्पताल में पृथक रूप से संचालित कफ, कोल्ड ओपीडी में भेज रहे है। यदि मरीज सामान्य है तभी उन्हें इलाज की पर्ची बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर-100 नम्बर पर भेजा जा रहा है।

नई व्यवस्था की इसलिए पड़ी जरूरत

आंबेडकर अस्पताल के परिसर में पूर्व में संचालित इंडियन कॉफी हॉऊस बिल्डिंग में कफ व कोल्ड ओपीडी का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है। कफ, कोल्ड और कोविड-19 के संभावित लक्षण वाले और बाहर से आने वाले संदिग्ध मरीज अपना इलाज कराते हैं। अस्पताल आने वाले कई मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें आंख, कान, नाक, स्त्री रोग, त्वचा, सर्जरी और हड्डी रोग इत्यादि से संबंधित समस्या होती है। इन विभागों की ओपीडी में जाने वाले कई मरीज ऐसे होते है, जो डॉक्टरों से अपनी दूसरी बीमरियों का इलाज कराते है। इलाज में लगे चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ , पैरामेडिकल स्टॉफ और अस्पताल में भर्ती मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचाने अस्पताल प्रबध्ंान ने नई व्यवस्था को लागू किया है।

जांच व हिस्ट्री लेने के लिए डॉक्टर तैनात

आंबेडकर अस्पताल, रायपुर के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन ने बताया कि कोरोना संक्रमण से डॉक्टर, स्टॉफ व अस्पताल में भर्ती मरीजों को बचाने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। दोनों गेट पर डॉक्टरों की टीम को जांच व हिस्ट्री लेने के लिए तैनात किया गया है। फॉलोअप में आने वाले पुराने मरीजों को नई पर्ची बनवाने की आवश्यकता नहीं है।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाया घेरा

आंबेडकर अस्पताल के सभी विभागों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोल घेरा बनाया गया है। ओपीडी में पहुंचे मरीज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गोल घेरे में खड़े थे। नंबर आने के बाद ही वह डॉक्टर के पास पहुंचे।