-किसी व्यक्ति द्वारा अपनी आस्था या धर्म का त्याग कर दूसरे धर्म को अपनाना।
-जन्म, विवाह और मृत्यु से जुड़े पारंपरिक अनुष्ठानों को छोड़कर अन्य धर्म के रीति-रिवाजों को अपनाना।
-पैतृक या पारंपरिक देवताओं की पूजा बंद करना और उनकी जगह अन्य धार्मिक आस्थाओं को स्वीकार करना।
-किसी अन्य मूल के धर्म को स्वीकार करना, जिसमें धर्मांतरण की प्रक्रिया शामिल हो।
-अपनी पारंपरिक मान्यताओं का त्याग कर दूसरे धर्म का पालन करना, भले ही व्यक्ति खुद को धर्मांतरित न माने।
-स्पष्टीकरण: यदि कोई व्यक्ति अपने मूल या पैतृक धर्म में वापस लौटता है, तो इसे इस कानून के तहत धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।