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छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बनेंगे नए जेल, पुरानी जेल ठसाठस…14 हजार कैदी की जगह 18 हजार बंदी

Chhatisgarh News : प्रदेश के सभी जिलों में कैदियों और बंदियों के लिए जल्द ही नया जेल बनाया जाएगा।

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Chhatisgarh News : प्रदेश के सभी जिलों में कैदियों और बंदियों के लिए जल्द ही नया जेल बनाया जाएगा। जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने की स्थिति को देखते हुए इसकी कवायद चल रही है। इसके लिए मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली।

इस दौरान उन्होंने आगामी 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाकर भेजने कहा है। साथ ही जमीन का चिन्हांकन कर जेल की वास्तविक स्थिति और प्रस्तावित स्थल की रिपोर्ट मांगी है। अधिकांश जेलों में ओवर क्राउडिंग की स्थिति को देखते हुए नया जेल बनाने का प्रस्ताव है। इस समय प्रदेश के 33 जेलों की क्षमता 14,143 कैदियों की है। लेकिन, इनमें 18,442 सजायाफ्ता कैदियों और विचाराधीन बंदियों को रखा गया है।

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जेलों में इतने कैदी
सेंट्रल जेल रायपुर की क्षमता 1586 कैदियों की है, लेकिन यहां 3,076 कैदी और बंदियों को रखा गया है। इसी तरह दुर्ग सेंट्रल जेल में 2006 की क्षमता के मुकाबले 2031, बिलासपुर सेंट्रल जेल में 2290 की क्षमता के बाद भी 2870, अंबिकापुर के 1320 क्षमता वाले जेल में 2013 कैदियों को रखा गया है। वहीं जगदलपुर के 1451 की क्षमता वाले जेल में 1462 कैदियों को रखा गया है। अन्य जेलों में भी क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं।


9 बैरक का निर्माण
राज्य सरकार द्वारा 9 जेलों में बैरकों का निर्माण करने के लिए 1195 लाख रुपए मंजूर किया गया है। यह बैरक सेंट्रल जेल अंबिकापुर एवं जगदलपुर, जिला जेल राजनांदगांव, कबीरधाम, सूरजपुर, जशपुर, गरियाबंद और उपजेल मनेंद्रगढ़ एवं नारायणपुर में बनाया जाएगा।

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कोंडागांव में जेल नहीं
बस्तर संभाग का नक्सल प्रभावित कोंडागांव जिले में जेल ही नहीं है। हालांकि 2015 में 10 हेक्टेयर जमीन पर 3 करोड़ रुपए की लागत से जेल बनाया जाना था। लेकिन अब तक वहां जेल का निर्माण नहीं हो पाया है।