2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चंडीगढ़-इंदौर की तरह होगी प्रदेश के रोड व नालियों की सफाई, निजी एजेंसी को देंगे ठेका

निगम प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मैन पावर भी लगेगी और नालियों और रोड की नियमित सफाई होगी

2 min read
Google source verification
nagar nigam

सिविल लाइन में नगर निगम ने निकाली डेंगू जागरूकता रैली

रायपुर. शहर की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए अब नगर निगम ने इंदौर की तर्ज पर सफाई कराने का मसौदा तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस व्यवस्था को लागू करने के लिए ठेका जारी किया जाएगा। निगम प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मैन पावर भी लगेगी और नालियों और रोड की नियमित सफाई होगी।

READ MORE: महिला वकील को Whatsapp में दी अश्लील गाली, दिनदहाड़े गोली मारने की दी धमकी

मैकेनाइज्ड सफाई से कम होगा खर्च : निगम अधिकारियों को अनुसार राजधानी में रोड और नाली की सफाई मैकेनाइज्ड होने से वर्तमान में सफाई पर हो रहे खर्च में कमी आएगी। वर्तमान में नगर निगम प्रशासन नालियों और रोड की सफाई पर ही ढाई करोड़ रुपए हर माह खर्च कर रहा है। मैकेनाइज्ड सिस्टम लागू होने से यह पौने दो से दो करोड़ रुपए के बीच खर्च होगा। यह व्यवस्था वर्तमान में इंदौर, चंडीगढ़ के मोहाली में डेल्वो 500 एआर स्वीपिंग मशीन से सफाई कराई जा रही है।

READ MORE: सरोज पांडेय ने डेंगू को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर के कामकाज पर उठाए सवाल, जेपी नड्डा को पत्र लिख AIIMS की मांगी मदद

उच्च क्षमतावाली यह मशीन रोड पर पड़े 500 ग्राम के रोड़े, बोतल से लेकर 5 किलोग्राम तक के कचरे या मरे हुए कुत्ते तक को खींच लेती। सफ ाई के बाद मिस्टिंग एयर नाम की मशीन से पानी का छिडक़ाव किया जाता है, जिससे धूल नहीं उड़ती। यह मशीन एक घंटे में 5 किमी सडक़ की सफाई करती है।

READ MORE: कैबिनेट का एेतिहासिक फैसला : शहर, सडक़, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय सब अटल के नाम

महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि रोड और नाली की सफाई के लिए मैकेनाइज्ड सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को अनुमति के लिए भेजा गया है। इससे स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार आएगा।