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अगर आपकी जमापूंजी बैंक में है तो इस खबर को पढ़ने के बाद बढ़ जाएगी टेंशन

अगर आप अपनी गाढ़ी कमाई या जमापूंजी घर में न रखकर बैंक में रखना सबसे सुरक्षित मानते हैं, तो यह खबर आपकी टेंशन बढ़ा देगी।

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रायपुर. अगर आप अपनी गाढ़ी कमाई या जमापूंजी घर में न रखकर बैंक में रखना सबसे सुरक्षित मानते हैं, तो यह खबर आपकी टेंशन बढ़ा देगी। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक निजी बैंक में साइबर क्राइम का ऐसा मामला सामने आया है, जहां हैकरों ने बैंक की आईडी हैक कर 1 करोड़ रुपए निकाल लिए। मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।

दरअसल, रायपुर के यस बैंक के सिक्युरिटी सिस्टम को हैक करके पंडरी कपड़ा मार्केट व्यावसायिक सहकारी बैंक के खातों से ढाई करोड़ रुपए पार करने वाले हैकर ने गुजरात के सूरत में भी वारदात की थी। उस बैंक की आईडी को हैक करके 1 करोड़ रुपए निकाले थे और फिर उसी आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करके रायपुर के सहकारी बैंक को निशाना बनाया था।

पुलिस ने इस मामले में मुंबई के एक खाताधारक राकेश सिंह और हैकर का सहयोगी नाइजीरियन ओसाजी गार्डसटाइप को गिरफ्तार किया है। ओसाजी के कहने पर राकेश ने अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए दिया था। ओसाजी मुख्य हैकर का सहयोगी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मामले में कुछ और नाइजीरियनों के शामिल होने की आशंका है।

मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी अमरेश मिश्रा ने बताया कि दिवाली के दिन पंडरी सहकारी बैंक के दो खातों से 2 करोड़ 47 लाख रुपए को हैकरों ने 26 अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद उन राशियों का आहरण होने लगा था। पुलिस ने 26 खातों को ब्लॉक कराया। इसके बाद 2 करोड़ 22 लाख रुपए वापस ले आए थे।

पूरे मामले की जांच के दौरान पता चला कि हैकर ने दोनों खातों को एक प्रोक्सी आईपी के जरिए हैक किया। इसके बाद उसमें से रकम निकाल लिया था। प्रोक्सी आईपी को डिकोड करते-करते सूरत के टैक्सटाइल कॉपरेटिव बैंक का आईपी एड्रेस मिला। पुलिस इसका पीछा करते हुए बैंक पहुंची।

इसके बाद पता चला कि हैकरों ने बैंक के आईडी को जुलाई से हैक करके रखा है। और उसके खातों से 1 करोड़ रुपए का आहरण कर चुके हैं। बैंक वालों ने उस राशि को भी किसी तरह वापस ले लिया था। इस कारण उन्होंने इस मामले में ज्यादा काम नहीं किया। इसके बाद पुलिस बैंक की आईडी को हैक करने वाले आईपी एड्रेस की जांच शुरू की, तो वह एक प्रोक्सी आईपी एड्रेस निकला। इसकी जांच की गई, तो वह पहले चाइना और फिर यूके का निकला।

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पकड़ने में मुंबई पुलिस ने की मदद
मुंबई के मीरा रोड स्थित नेहा कॉम्पलेक्स में ओसाजी रहता था। कॉलोनी के आसपास भी अनेक नाइजीरियन रहते हैं। राकेश को पकड़ने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ओसाजी को पकडऩे नेहा कॉम्पलेक्स पहुंची। कॉम्पलेक्स के आगे-पीछे दो टीम तैनात थी। ओसाजी फ्लैट से बाहर निकला। उसी समय क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया। वह बचकर इधर-उधर भागता रहा। इस बीच मदद के लिए स्थानीय पुलिस पहुंच गई। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया।

बड़ा गिरोह है नाइजीरियनों का
हैकिंग करने वाला एक बड़ा गिरोह है। मुख्य हैकर के कनाडा में छुपने का पता चला है। हैकर ने दिल्ली, मुंबई और अन्य स्थानों पर रहने वाले नाइजीरियनों को हैकिंग की राशि को लेने के लिए लगाया है। पुलिस ने मुंबई से एक नाइजीरियन को पकड़ा है। दिल्ली से भी नाइजीयिन के पकड़े जाने की संभावना है। सभी का अलग-अलग काम है। मुंबई में खाता खुलवाने के लिए ओसाजी की जिम्मेदारी थी। इसी तरह दिल्ली में किसी और को जिम्मेदारी दी गई है।

तीन नाम के फर्जी पासपोर्ट मिला
ओसाजी वर्ष 2009 से मुंबई में रह रहा है। पुलिस के मुताबिक वह कारोबार के सिलसिले में मुंबई आया था। उसका पासपोर्ट की वैद्यता खत्म हो चुकी है। दो और पासपोर्ट मिला है, जिसमें फोटो ओसाजी के है और नाम दूसरों का है। ओसाजी ने ही राकेश से बैंक खाता खुलवाने के लिए कहा था। और उसमें राशि ट्रांसफर कराया था। आरोपी के पास मिले अलग-अलग पासपोर्ट और उसकी गिरफ्तारी के संबंध में विदेश मंत्रालय को सूचना दे दी गई है।

खाताधारकों के जरिए पहुंचे
बैंक की पूरी राशि दिल्ली-मुंबई की 26 खातों में ट्रांसफर हुई थी। हैकरों की तलाश छोड़कर पुलिस खाताधारकों की तलाश में लग गई। इस दौरान कुछ खाते ऐसे मिले, जिसमें से राशि का आहरण हो गया था। पुलिस ने उन खाताधारकों की तलाश शुरू की। इसमें दिल्ली के लल्लन सिंह, अजीत राय और बिट्टू पकड़े गए।

इसी तरह मुंबई के खाताधारक राकेश सिंह को पकड़ा गया। राकेश के खाते में हैकर ने 10 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसमें आईएमपीएस के जरिए 8 लाख रुपए का आहरण कर लिया था। बाकी 2 लाख रुपए निकालने से पहले ही पुलिस ने खाता ब्लॉक करा दिया था। 8 लाख रुपए में से 6.50 लाख रुपए उसने नाइजीरियन ओसाजी को दिया था। बाकी रकम खुद रख लिया था।