सीएम ने कहा आपके पास कोई मुद्दा नहीं आप हमारे महाराज साहब के चिट्ठी के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। लेकिन आपकेअविश्वास प्रस्ताव पर कुछ होना नहीं है। आपके अविश्वास प्रस्ताव पर आभार व्यक्त करता हूं। जो बातें आई है, उसका हम ध्यान रखेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मानसून सत्र में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव पर 13 घंटे की चर्चा के बाद अंत में देर रात उसे ध्वनि मत से नामंजूर कर दिया गया। मानसून सत्र का अंतिम दिन देर रात डेढ़ बजे तक चलता रहा। विपक्ष ने सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव में मुख्य रूप से वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
विपक्ष का सरकार पर आरोप-
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, सरकार जिन वादों के आधार पर सत्ता में आई उसे भूला दिया है। आज घोषणा पत्र बनाने वाले ही सदन में मौजूद नहीं है। न ही वे घोषणापत्र क्रियान्वयन समिति में है। सरकार के मंत्री को सरकार पर विश्वास नहीं है, जनता का विश्वास कैसे जीतेंगे। आज सरकार 4 पन्नों के आरोपों को काटने की स्थिति में नहीं है। सरकार में अंतर्द्वंद चल रहा है। विधायक मंत्री पर तबादला में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हैं। एक विधायक कहता है कि मुख्यमंत्री बनने के लिए मेरी हत्या करना चाहते हैं। मंत्री कलेक्टर पर आरोप लगाते हैं। जब मंत्री और विधायकों का भी विश्वास नहीं है तो जनता का विश्वास कैसे होगा। आज 51000 किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है। 2 साल का बकाया बोनस नहीं मिला है। आप 1 नवंबर से धान खरीदी की वकालत करते थे आप खुद ही 1 दिसंबर से धान की खरीदी कर रहे हैं। भाजपा की सरकार में कभी रकबा कटौती नहीं हुई है। शिक्षा के मामले में आज हम 30वे नंबर पर है। शराब के मामले में बस हम नंबर वन पर है। आज अपराध बढ़ रहा है और नक्सलियों का मनोबल बढ़ा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सरकार पूर्ण बहुमत में है लेकिन आधा समय सरकार को बचाने में लग गया। सरकार को दिल्ली तक की परेड तक करनी पड़ रही है। अभी फिर दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ FIR हो जाती है। 100 से ज्यादा पत्रकारों के खिलाफ अपराध दर्ज हुए हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल को लेकर कहा, बिना बजट के स्कूल खोले जा रहे हैं। कौशिक ने सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति से माहौल खराब किया जाने का आरोप भी लगाया। हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों को खंडित किया जा रहा है। कोरबा कवर्धा जसपुर की घटनाएं इसका बड़ा उदाहरण। छत्तीसगढ़ की जमीन को सबसे ज्यादा खतरा है। लगातार जमीन का अतिक्रमण हो रहा है। 10000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा से नई उम्मीद जगी है, लेकिन 3 साल पुरानी भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकती है।
अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का जवाब-
अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया की राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक विज्ञापन के 218 करोड़ का भुगतान किया। जिसमें से 100 करोड़ रुपए पूर्व सरकार के विज्ञापन कि देनदारी थी। उन्होंने कहा कि गौधन न्याय योजना में विज्ञापन पर 120 करोड़ रुपये खर्च किये गये। जबकि वास्तविकता यह है कि वर्ष 2020-21 में 7.44 करोड़ और वर्ष 2021-22 में 2.66 करोड़ अर्थात् दोनों वर्षों के व्यय को मिलाकर केवल कुल 10 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च किए गए।
सीएम ने आगे कहा बस्तर में आज विश्वास विकास और सुरक्षा का माहौल बना है। हमने किसानों, राज्य के लोगों का भला करने के लिए क़र्ज़ लिया। नेताजी सदन को गुमराह कर रहे हैं केंद्र सरकार पैसा देती है। हमने अन्न दाताओं को धोखा नहीं दिया, केंद्र ने पैसा नहीं दिया उसके बावजूद किसानों की धान खरीदी हमने बंद नहीं की।
सीएम ने आरोप लगाया सेंट्रल एजेंसी कार्रवाई करे हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन सेंट्रल एजेंसी करती क्या है, सब साजिश के तहत होता है एक उद्देश्य लेकर एक आदमी को घेरने के लिए पूछताछ करती है। सामने वाले का नाम ले दो हम छोड़ देंगे इस तरीके के ऑफर देती है।
पिछली सरकार में मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है तो सेंट्रल एजेंसी जांच क्यों नहीं करती। हम ने गृह मंत्री वित्त मंत्री को पत्र लिखा है जांच होनी चाहिए छत्तीसगढ़ के गरीब जनता का पैसा जमा है उसे लूटा गया है उसकी जांच में चाहिए। हमें डर किसी बात का नहीं है,हम तो लिख कर भेजे हैं। मेरे दादा के पास 1000 एकड़ जमीन है। मेरे परिवार में भिलाई स्टील प्लांट को जमीन दिया।
सीएम ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि आपके 15 साल के शासनकाल मे कितने चर्च बने। जो भी धार्मिक सद्भावना बिगाड़ने का काम कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। हम बदले की राजनीति नहीं करते। बदले की राजनीति आप करते है। बदले की राजनीति आपकी संस्कृति में है। काम करते समय त्रुटि हो सकती है, लेकिन हमारी नीयत में कोई खोट नहीं है। आपके पास कोई मुद्दा नहीं आप हमारे महाराज साहब के चिट्ठी के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। लेकिन आपकेअविश्वास प्रस्ताव पर कुछ होना नहीं है। आपके अविश्वास प्रस्ताव पर आभार व्यक्त करता हूं। जो बातें आई है, उसका हम ध्यान रखेंगे।