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आधे का वादा फिर भी बिजली बिल पहाड़ से ज्यादा, सर्किल इंजिनियर ने कहा- गर्मी से चढ़ा मीटर

* मई महीने में उपभोक्ताओं को मिले 10 से 12 गुना ज्यादा के बिजली बिल * चेयरमैन शैलेन्द्र शुक्ला ने कहा पहले आफिस में बैठकर बना दिए जाते थे बिल,18 सालों से गड़बड़ी का दावा

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आधे का वादा फिर भी बिजली बिल पहाड़ से ज्यादा, सर्किल इंजिनियर ने कहा- गर्मी से चढ़ा मीटर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार द्वारा बिजली बिल के आधे किये जाने की घोषणा का प्रदेश भर में स्वागत हुआ है लेकिन मई माह में जो बिल आया है उसे देखकर उपभोक्ताओं के पसीने छूट रहे हैं । आश्चर्यजनक तौर से उपभोक्ताओं के बिल में 10 से 12 गुना तक वृद्धि हुई है।

जिन उपभोक्ताओं के बिल 500 से 600 रूपए महीने आते थे उन्हें 5 से 6 हजार रूपए तक का भुगतान करना पडा है। कई उपभोक्ताओं से यह भी शिकायत मिली है कि बिजली बिल जमा करने के बावजूद पिछले माह का बिल उन्हें नए बिल में जोडकऱ भेज दिया गया है। यह स्थिति क्यों आई इसके सम्बन्ध में किसी के पास जवाब नहीं हैं।

निजी हाथों में उपभोक्ताओं का हित
राज्य में मीटर रीडिंग का काम प्राइवेट कंपनियों द्वारा कराया जा रहा है आये दिनों इनके द्वारा की जाने वाली मीटर रीडिंग में समस्याएं आती है मई माह में रायपुर शहर के अशोक नगर समेत कई इलाकों में दो दो बार बिल दिए जाने के मामले भी सामने आये हैं। महत्वपूर्ण हैं कि रायपुर शहर में मीटर रीडिंग का काम शार्प कंपनी देख रही है जिसकी कार्यशैली को लेकर तमाम शिकायतें हैं। सूत्रों का कहना है कि बिजली बिल में इस बेतहाशा वृद्धि की वजह से आधे बिल का लाभ नाममात्र को रह गया है।

चेयरमैन ने कहा ,18 साल से हो रही थी गड़बड़ी
राज्य पावर होल्डिंग कंपनी के चेयरमैन शैलेन्द्र शुक्ला ने बिजली बिल में इस अप्रत्याशित वृद्धि को स्वाभाविक बताते हुए कहा है कि पिछले 18 सालों से राज्य में बिलिंग का कोई सिस्टम ही विकसित नहीं किया गया था। मीटर रीडर्स द्वारा कार्यालय में बैठकर ही बिजली बिल तैयार कर दिए जाते थे हमने पहली बार फोटो स्पाट बिलिंग का सिस्टम शुरू किया है। जो भी बिल आ रहे हैं वो सही और दुरुस्त हैं। शैलेन्द्र शुक्ला कहते हैं कि स्थिति यह रही है कि एक एक महीने में 28-28 हजार बिजली बिलों में करेक्शन किये गए है जबकि यह शुन्य होना चाहिए था।

दावे के बावजूद नहीं शुरू हो सकी फोटो स्पाट बिलिंग
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि उपभोक्ताओं तक सही बिल पहुंचाने के लिए वितरण कंपनी द्वारा जोर शोर से शुरू किये गए फोटो स्पाट बिलिंग की प्रक्रिया को प्रदेश के अन्य जिलों में तो शुरू कर दिया गया लेकिन रायपुर में यह काम शुरू नहीं हो पाया। फोटो स्पाट के माध्यम से अब मीटर रीडर को उस मीटर की फोटो खींचकर सर्वर तक भेजना होता है । अगर बिल आने पर उपभोक्ता अपनी रीडिंग गलत होने का दावा करता है तो तुरंत उसे मीटर का खींची गई फोटो दिखा दी जाएगी। फोटो देखकर सही रीडिंग का पता लगाया जा सकेगा।


सर्किल इंजिनियर ने कहा, गर्मी से चढ़ा मीटर
रायपुर सिटी -2 के सर्किल इंजिनियर चंद्रहास मरकाम कहते हैं कि इन दिनों बेतहाशा गर्मी पड़ रही है निस्संदेह ऐसे में बिजली की खपत बढ़ जाती है। संभव है बिल इस वजह से ज्यादा आ रहा हो जिन बिलों पर उपभोक्ताओं को आपत्ति हो वो उनकी जांच करा सकते हैं। अगले महीने से हमारे यहाँ फोटो स्पॉट बिलिंग शुरू हो रही है निस्संदेह इससे स्थिति बदलेगी।