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213 करोड की लागत से बना सड़क लेकिन नहीं है सर्विसरोड का प्लान, लोगों की सुरक्षा दांव पर

- पुरानी धमतरी रोड पर 16 सौ एकड़ में कमल विहार, चर्चित स्वागत विहार - सेजबहार तक दर्जनभर गांवों से सुबह-शाम लोग करते हैं आवाजाही, उनकी सुरक्षा दांव पर

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213 करोड की लागत से बना सड़क लेकिन नहीं है सर्विसरोड का प्लान, लोगों की सुरक्षा दांव पर

213 करोड की लागत से बना सड़क लेकिन नहीं है सर्विसरोड का प्लान, लोगों की सुरक्षा दांव पर

रायपुर.KP Shukla @ पुरानी धमतरी रोड पर दैत्याकार ट्रकों और मिनी बसों की आवाजाही के बीच सेजबहार तक दर्जनभर गांवों से हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग शहर में कमाने-खाने आते हैं। साइकिल से सुबह घर से निकलते हैं और इसी रोड से शाम को जान बचाकर वापस लौटते हैं। इसके बावजूद 213 करोड की लागत से चौड़ीकरण के प्लान में सर्विस रोड की जरूरत को दरकिनार कर दिया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि जिन सड़कों का निर्माण आठ से 10 साल पहले कराया गया था, वहां अब सर्विस रोड बनवाने के लिए कई विभाग के जिम्मेदार अफसरों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

पुरानी धमतरी रोड का ट्रैफिक का आंकड़ा इस समय 12 हजार से पार हो चुका है। इसी रोड पर सरकार की सबसे बड़ी आवासीय योजना कमल विहार आकार ले रहा है तो उससे आगे 230 एकड़ में चर्चित न्यू स्वागत विहार आवासीय कॉलोनी। इसी रोड पर डूडा के पास प्राथमिक और हाईस्कूल संचालित हो रहा है। उससे आगे रायपुर इंजीनिरिंग कॉलेज है। इस वजह से तेजी से पुरानी धमतरी रोड के दोनों तरफ आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहा है। ऐसे सभी तथ्यों और आंकड़ों को लोक निर्माण विभाग की एडीबी परियोजना के अफसरों ने ताक पर रख दिया है। सेजबहार तक आम लोगों की आवाजाही की समस्या को दरकिनार कर अरबों रुपए के चौड़ीकरण का जो खाका तैयार किया हुआ है उसमें सेजबहार तक सर्विस रोड का निर्माण नहीं कराने का निर्णय लिया है।

दर्जनभर नई कॉलोनियां, तेजी से बढ़ रही बसाहट
पुरानी धमतरी रोड के दोनों तरफ तेजी से बसाहट बढ़ती जा रही है। सेजबहार तक दोनों तरफ दर्जनभर से अधिक कॉलोनियां बनाने के लिए प्लाटिंग की जा चुकी है। इसी रोड पर धमतरी रोड पर बोरियाखुर्द गांव से लेकर सेजबहार के आगे शंकराचार्य कॉलेज तक एक जैसी स्थिति है। इसी रोड पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की तीन से चार आवासीय कॉलोनियां हैं। सोनपैरी गांव के आगे तक के लोग हर दिन कमाने खाने शहर में आते हैं।

डीपीआर में ट्रैफिक के अनुमान ताक पर
एशिएन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) योजना के तहत सड़क बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने लोन लिया हुआ है। उसी के तहत 2 अरब 13 करोड़ की लागत से पुरानी धमतरी रोड के चौड़ीकरण का वर्कआर्डर जारी किया है। हद तो यह है कि एडीबी परियोजना के जिम्मेदार लिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट जो तैयार कराया है, उसमें ट्रैफिक का आंकड़ा 10 हजार वाहनों का हर दिन दर्ज किया है। जिसे आधार बनाकर बोरियाखुर्द तालाब से सेजबहार तक 7 मीटर पुरानी सड़क मिलाकर 14 मीटर करने का स्ट्रीमेंट की स्वीकृति दी है, जिसमें सर्विस रोड के लिए कोई जगह नहीं।

यहां सड़क पर उतरे कई विभागों के अफसर
इधर तेलीबांधा से आगे ट्रैफिक के बढ़ते दबाव और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नेशनल हाइवे, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के अफसर सड़क पर उतरे। दुर्घटना नियंत्रण का हवाला देते हुए अफसरों ने जोरा ब्रिज से लेकर अग्रसेनधाम तक सर्विस रोड का निर्माण कराना जरूरी बताया। जबकि यह सड़क पांच साल पहले बनी थी। तब सर्विस रोड को दरकिनार कर दिया गया था।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
पुरानी धमतरी रोड पर तेजी से बसाहट के साथ ट्रैफिक बढ़ रहा है। इस रोड के चौड़ीकरण में सर्विस रोड दरकिनार कर देना खतरनाक साबित होगा। क्योंकि छात्र-छात्राओं के अलावा गांवों के लोग सबसे अधिक इसी रोड से आते-जाते हैं।
सतीश ठाकुर, डीएसपी, ट्रैफिक पुलिस

चौड़ीकरण के लिए 2 अरब 13 करोड़ रुपए का बर्कआर्डर जारी हुआ है। अभी पुरानी धमतरी रोड साढ़े सात मीटर चौड़ी है जिसे सेजबहार तक 7 मीटर और चौड़ी की जानी है। इसलिए सर्विस रोड की जरूरत नहीं है।
व्हीके रुनिझा, परियोजना प्रबंधक, एडीबी

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