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एक ने कार्ड-ओटीपी नंबर बता दिया, दूसरे ने मोबाइल ऐप डाउनलोड किया

Chhattisgarh Hindi News : साइबर ठगी को लेकर जागरूकता लाने कई प्रयास हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग वही गलतियां दोहरा रहे हैं, जिससे साइबर ठगों को सुविधा हो रही है।

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एक ने कार्ड-ओटीपी नंबर बता दिया, दूसरे ने मोबाइल ऐप डाउनलोड किया

एक ने कार्ड-ओटीपी नंबर बता दिया, दूसरे ने मोबाइल ऐप डाउनलोड किया

रायपुर. साइबर ठगी को लेकर जागरूकता लाने कई प्रयास हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग वही गलतियां दोहरा रहे हैं, जिससे साइबर ठगों को सुविधा हो रही है।

गुढ़ियारी इलाके में दो युवक छोटी-छोटी चूक के चलते ऑनलाइन ठगी के शिकार हो गए। साइबर ठग के झांसे में आकर एक ने अपना क्रेडिट कार्ड नंबर, ओटीपी नंबर बता दिया, तो दूसरे युवक ने मोबाइल ऐप डाउनलोड कर लिया। इसके चलते दोनों साइबर ठगी के शिकार हो गए।

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पुलिस के मुताबिक पहली घटना रामनगर निवासी हेमंत साहू के साथ हुई। हेमंत ने डीबीएस बैंक का क्रेडिट कार्ड लिया था। करीब दो माह बाद एक व्यक्ति ने उन्हें बजाज फिनसर्व फायनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल किया। उसने क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी ली।

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इसके बाद कहा कि उसने क्रेडिट कार्ड के साथ 2499 रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस हटाने के लिए कहा। इसके लिए साइबर ठग ने हेमंत से कार्ड नंबर पूछा। इसके बाद ओटीपी नंबर पूछा, तो हेमंत ने ओटीपी नंबर भी बता दिया। करीब 10 मिनट बाद हेमंत के क्रेडिट कार्ड से 96 हजार रुपए निकल गए। साइबर ठग ने ओटीपी पूछकर उनके क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग कर ली।

ऐप डाउनलोड किया

दूसरी घटना में नया तालाब गुढ़ियारी निवासी नौकरीपेशा राकेश साहू अपने मोबाइल में पेटीएम पोस्टपेड ऐप चलाता है। करीब दो साल पहले उन्होंने इसमें 100 रुपए का क्रेडिट लिया था। यह बढ़कर 870 रुपए हो गया था। इसे चुकाने के लिए पेटीएम पोस्टपेड ऐप का कस्टमर केयर नंबर ढूंढने गूगल में सर्च किया।

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इसमें मिले मोबाइल नंबर पर उन्होंने कॉल किया, तो दूसरी ओर से कहा गया कि रस्टडेस्क मोबाइल ऐप डाउनलोड कर लें। राकेश ने ऐप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद एक यूपीआई आईडी बनवाया।

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फिर 17 अगस्त को राकेश के अकाउंट से 510 रुपए कट गए। इसके दो दिन बाद 13 किस्त में उनके खाते से साइबर ठग ने यूपीआई के माध्यम से 1 लाख 98 हजार 900 रुपए निकाल लिया। इसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।