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इंजीनियर, डॉक्टर, कारोबारियों से लाखों की ठगी करने वाले आरोपी निकले 8वीं-12वीं पास, 4 गिरफ्तार

Online fraud case in raipur : जामताड़ा गैंग के ऐसे चार ठगों भोला कुमार रवानी, जितेंद्र लोहारा, देवनारायण पहान और अतुल तिर्की को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है।

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रायपुर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया।

रायपुर. Online fraud case in raipur : आठवीं-बाहरवीं पास युवक देशभर में इंजीनियर-डॉक्टर और कारोबारियों को ऑनलाइन ठग रहे हैं। फोन पे, पेटीएम, योनो, अमेजन आदि जैसी ऑनलाइन पेमेंट की सुविधाएं देने वाली कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी गूगल के सर्च इंजन में सक्रिय (cyber fraud case) रहते हैं। कोई अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए इन कस्टमर केयर नंबरों में कॉल करता है, तो उन्हें झांसा देकर ठग लेते हैं। (Online fraud case in raipur) जामताड़ा गैंग के ऐसे चार ठगों भोला कुमार रवानी, जितेंद्र लोहारा, देवनारायण पहान और अतुल तिर्की को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने धरसींवा (Raipur Police) के एक फिटर से फोन पे का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर साढ़े 7 लाख से ज्यादा ठग लिया था। भोला 12वीं पास है। बाकी सभी 8वीं तक पढ़े हैं।

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पुलिस के मुताबिक निजी कंपनी में फिटर प्रवीण कुमार वर्मा ने 3 फरवरी को अपने एक परिचित को 1124 रुपए फोन पे के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर किया था, लेकिन राशि ट्रांसफर नहीं हुई थी और उनके खाते से उतनी राशि कट गई। इसकी शिकायत के लिए उन्होंने गूगल से फोन पे कंपनी का कस्टमर केयर नंबर निकाला और उसमें कॉल किया था। नंबर आरोपियों का था। उन्होंने फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर प्रवीण से 7 लाख 52 हजार 665 रुपए ऑनलाइन ठग लिया था। (Online fraud case in raipur) मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों के आधार पर चारों को ठाकुरगांव और देवघर से पकड़ा गया। उनके कब्जे से 5 मोबाइल बरामद किया है। ठगी की रकम को आरोपियों ने आपस में बांटकर खर्च कर दिया था।

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जामताड़ा गैंग के नाम है चर्चित
आरोपियों ने ठगी की रकम को दूसरों के नाम से खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। इसमें से रकम निकालने का काम उनका पांचवां साथी करता था। इसके बाद सभी रकम को आपस में बांट लेते थे। वह आरोपी फरार है। (Online fraud case in raipur) झारखंड के गिरीडीह, देवघर, धनबाद और जामताड़ा देशभर में जामताड़ा गैंग के नाम से चर्चित है। इन जिलों में कई गांव ऐसे हैं, जहां के युवकों का काम ही ऑनलाइन ठगी करना है। इसके लिए दूसरों के नाम से सिम लेते हैं और बैंक खाता खुलवाते है। शुरुआत में जामताड़ा से ठगी का खेल शुरू हुआ था। बाद में देवघर, गिरीडीह और धनबाद के युवक भी करने लगे।

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ऐसे की थी ठगी
जैसे ही कोई इनके फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करता था, तो एक आरोपी अपने सीनियर से बात कराने की जानकारी देता था। इसके बाद दूसरा आदमी फोन करता है। बैंक खाता नंबर, फोन पे आदि की जानकारी लेकर ओटीपी जनरेट करता है। ओटीपी पूछकर बैंक खाते से रकम का आहरण करके अपने खाते में ट्रांसफर करते हैं। आरोपियों ने रायपुर के अलावा कई लोगों को ठगा है। ठगी के शिकार होने वाले में डॉक्टर-इंजीनियर और कारोबारी भी हैं।

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