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पूर्व जनपद अध्यक्ष का कारनामा, लाखों रुपए की लागत से खोदे गए तालाब में लहलहा रही धान

- मनरेगा के लोकायुक्त से की गई शिकायत में तालाब निर्माण में व्यापक पैमाने में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। - तय मापदंड के अनुरूप तालाब की गहराई ही नहीं

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पूर्व जनपद अध्यक्ष का कारनामा, लाखों रुपए की लागत से खोदे गए तालाब में लहलहा रही धान

पूर्व जनपद अध्यक्ष का कारनामा, लाखों रुपए की लागत से खोदे गए तालाब में लहलहा रही धान

raipur/जशपुरनगर. 96 ग्राम पंचायतों वाला जिले का बगीचा ब्लाक से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस बार यहां के पंचायती जनप्रतिनिधीं ने 11 लाख रुपए की लागत से पंचायत के द्वारा खोदे गए सार्वजनिक तालाब में धान बोने का कारनामा किया है। घटना के संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामला जनपद पंचायत बगीचा के ग्राम पंचायत हर्राडीपा का है। इस पंचायत में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत 11 लाख रुपए की लागत से इसी साल एक तालाब का निर्माण कराया गया था। हैरान कर देने वाली बात यह है कि, इन दिनों इस तालाब में धान की फसल लहलहा रही है। ऐसा नहीं है कि सूखे के कारण इस तालाब में पानी नहीं है। मामले को लेकर मनरेगा के लोकायुक्त से की गई शिकायत में तालाब निर्माण में व्यापक पैमाने में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि तय मापदंड के अनुरूप तालाब की गहराई ही नहीं है। इसी कारण तालाब को खेत बनाया जा सका है।
पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रदीप हैं, धान लगाने वाले
गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार तालाब को खेत बना कर धान उगाने का कारनामा करने वाले दीवान प्रदीप नारायण जनपद पंचायत बगीचा के पूर्व अध्यक्ष हैं। और इनकी पत्नी संगीता सिंह, वर्तमान में ग्राम पंचायत हर्राडीपा की सरपंच हैं। पाठकों की जानकारी के लिए ज्ञात हो कि दीवान प्रदीप नारायण 2018 के विधानसभा चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरे थे, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।

- दीवान प्रदीप नारायण, पूर्व अध्यक्ष, जनपद पंचायत बगीचा

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