
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सूफी गायक मदन चौहान को आठ नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हुए। सोमवार को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने के बाद वे नौ नवंबर की शाम राजधानी रायपुर वापस लौटेंगे। बता दें कि 2020 में पुरस्कारों की घोषणा हुई थी लेकिन कोरोना को कारण कार्यक्रम नहीं हो पाया था। आज संगीतज्ञ मदन सिंह चौहान समेत देशभर के 141 लोगों को पुरस्कार मिलेगा।
पुरस्कारों की घोषण में सूफी गायक मदन चौहान का नाम शामिल होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जताई थी। बता दें कि सूफी गायक मदन चौहान को 50 वर्षों की अथक साधना के बाद आज यह पद्मश्री पुरस्कार मिला। अब उन्हें पुन: महामहिम राष्ट्रपति श्री कोविंद के ही हाथों भारत सरकार का सर्वश्रेष्ठ नागरिक अलंकरण पद्मश्री से गौरवांवित होने का अवसर मिला। सम्मान ग्रहण करने के लिए उनके साथ भतीजे संगीतकार महेंद्र चौहान भी शामिल है ।
डिब्बा बजाकर करते थे रियाज
मदन चौहान ने बताया कि देश की आजादी के दो महीने बाद 15 अक्टूबर 1947 को उनका जन्म हुआ। केवल 10 साल के थे, तब घर में टीन का डिब्बा बजाते थे। धीरे-धीरे संगीत का शौक जागा और तबला, हारमोनियम के साथ मंच पर प्रस्तुति देते लगभग 55 साल हो गए। बचपन से उनका रूझान साधु, संतों के भजन गायन में रहा है। संगीत के प्रारंभिक गुरु पं.कन्हैयालाल भट्ट रहे।
खेल जगत से इनको किया गया सम्मानित
खेल जगत से बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हाकी खिलाड़ी रानी रामपाल को खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के पद्म पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। खेल जगत से बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को पद्म भूषण व फिल्म जगत में एक्टर कंगना रनोट और गायक अदनान सामी को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
Published on:
08 Nov 2021 02:39 pm

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