
रायपुर . प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय की लापरवाहियां थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अस्पताल से मरीज गायब हो जा रहे हैं और प्रबंधन को इसकी खबर तक नहीं लग पा रही है। इसी तरह से अस्पताल से निकला एक मरीज सरस्वती नगर थाने के पास ओवरब्रिज में मिला। जो कि बिना कपड़ों के हाथ में वेन-फ्लोथ लगाए सड़क पर जा रहे एक वाहन से टकरा गया।
जिस पर मौजूद लोगों ने उसे संभाला और वेन-फ्लोथ से उसकी पहचान अंबेडकर के मरीज के रूप में की। थाना नजदीक होने की वजह से तुरंत थाने के कुछ सिपाही मौके पर पहुंचे। जहां से उसे 108 बुलाकर वापसे अंबेडकर अस्पताल भेज दिया। इस पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यहां कई एेसे मरीज आते हैं, जो कि यात्रा के दौरान या फिर कुदरती रूप से अकेले होते हैं और उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं होता है। एेसे में इन मरीजों का यहां मुफ्त इलाज किया जाता है और फिर वे अचानक बिना किसी को बताए वहां से निकल जाते हैं।
नहीं होती कोई पहचान
कई बड़े निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष आइंडेटिफिकेशन होता है, जिसमें हाथ में बांधने वाले बैंड, ड्रेस कोड जैसे कई तरीके अपनाएं जाते हैं। एेसे में प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को पहनने के लिए गाउन तक नहीं मिल पाता, तो विशेष पहचान की बात तो दूर है। वहीं भर्ती मरीज व उनके परिजन रोजाना गंदे कपड़ों को बदलने की गुहार लगाते नजर आते हैं। एेसे में रोजाना हजारों लोगों के आवागमन वाले इस परिसर में आगंतुक व मरीज में फर्क करना सुरक्षा कर्मियों के लिए मुश्किल हो जाता है, जिस वजह से आए दिन इस तरह की घटनाएं अंबेडकर अस्पताल में सुनने को मिलती हैं।
Published on:
05 Apr 2018 07:17 pm

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