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City Bus Services: 67 सिटी बसों को चलाने का ठेका दुर्ग के पायल ट्रेवल्स को मिला

- ढाई साल से डिपो में खड़ी बसों को 45 दिनों के अंदर शहर की सड़कों पर चलाना पड़ेगा

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12 रूट पर 25 बसों का संचालन होता था, अब पांच बसे ही शुरू हो सकी उसमें एक भी शहर में नहीं संचालित

रायपुर. ढाई साल से 67 सिटी बसें डिपो में खड़ी रहने से शहर के लोगों की खूब जेबें कटी हैं, परंतु अब सस्ती परिवहन सेवा की सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्योंकि सिटी बसों का संचालन शहर के विभिन्न मार्गों पर करने का ठेका दुर्ग के (पायल) मनीष ट्रेवल्स को मिल गया है। जिसे 45 दिनों के अंदर उन सभी बसों का मेंटेनेंस कराकर चलाना होगा। चूंकि सिटी बसें लंबे समय से खड़ी-खड़ी खराब हो गई हैं, इसलिए उसक मेंटेनेंस कराने के लिए ट्रेवल्स कंपनी को राज्य शासन की तरफ से 1 करोड़ 24 लाख रुपए मिलेगा। इसी शर्त पर टेंडर फाइनल हुआ है। जबकि टेवल्स कंपनी हर महीने के हिसाब से एसी बसों का 3000 और नॉन एसी बसों का 3500 रुपए शहरी यातायात सार्वजनिक सोसायटी को देगी।

शहर के अंदर और आउटर की कॉलोनी क्षेत्रों तक सिटी बसों के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा है। जिला प्रशासन और नगर निगम को दो से तीन महीने सिटी बसों का टेंडर फाइनल करने में लग गए। यह प्रक्रिया जून से शुरू हुई और 10 सितंबर को तय हुआ कि अब सिटी बस संचालन का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि दुर्ग के मनीष ट्रेवल्स ने 1 करोड़ 24 लाख रुपए का टेंडर भरा था। जबकि रायल्स ट्रेवल्स ने अधिक दर 1 करोड़ 49 लाख रुपए का टेंडर भरा था। निगम आयुक्त एवं सोसायटी के सचिव मयंक चतुर्वेदी के अनुसार सबसे कम निविदा दर पर पांच साल तक सिटी बस चलाने वाली एजेंसी फाइनल हुई है। अब 45 दिनों के भीतर सिटी बसों का परमिट, फिटनेस सहित सभी प्रक्रिया पूरी कराकर इस एजेंसी को चलाना होगा।

मार्च-2022 तक रोड टैक्स माफ करने का फायदा
राज्य शासन ने मार्च-2022 तक रोड टैक्स माफ कर दिया है। इससे बस ऑपरेटर्स को 40 लाख रुपए का फायदा मिला। सोसायटी के नोडल अधिकारी बीएल चंद्राकर ने बताया कि सिटी बसों के मेंटेंनस का आंकलन 2 करोड़ रुपए था, परंतु वह कम हो गया। पायल ट्रेवल्स ने 1 करोड़ 24 लाख का टेंडर भरा, जिसकी दर कम होने पर फाइनल कर दिया गया।

1.24 करोड़ मेंटेनेंस में खर्च कर सिटी बसें चलाएगा
पहली बार के टेंडर में कोई आगे नहीं आया। इसके बाद तीन बस ट्रासपोर्टरों ने टेंडर फार्म जमा किए। परंतु उनके दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटि की वजह से निरस्त करना पड़ा। 8 अगस्त को आखिरी तक दो ट्रेवल्स ने निविदा भरी। इसमें रायल्स ट्रेवल्स ने 1 करेाड 49 लाख और मनीष ट्रेवल्स ने 1 करोड़ 24 लाख भरा। नियमों के अनुसार कम दर वाले ट्रेवल्स का टेंडर फाइनल हुआ। वर्कआर्डर जारी होने के साथ सभी 67 सिटी बसें पांच सालों के लिए मनीष ट्रेवल्स के नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी। चूंकि रोड टैक्स मार्च 2022 तक का ही माफ है, इसलिए 6 महीने का टैक्स मनीष ट्रेवल्स को देना होगा।