
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ संचार क्रांति योजना के अंर्तगत प्रदेश में 50 लाख स्मार्ट फोन वितरण करने का लक्ष्य रखा है, वहीं जिले में भी स्मार्ट फोन का टारगेट 3 लाख 19 हजार है,
रायपुर. राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ संचार क्रांति योजना के अंर्तगत प्रदेश में 50 लाख स्मार्ट फोन वितरण करने का लक्ष्य रखा है, वहीं जिले में भी स्मार्ट फोन का टारगेट 3 लाख 19 हजार है, लेकिन स्मार्ट फोन वितरण के साथ ही नेटवर्क की क्या स्थिति रहेगी अभी तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। जिला पंचायत से मिली जानकारी के मुताबिक दिशा-निर्देशों के बाद जिले में 121 स्थलों का निरीक्षण कर नए टावर की स्थापना के लिए रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (चिप्स) को भेज दी गई है, लेकिन अभी टावर स्थापना को लेकर दिशा-निर्देश नही मिले हैं।
स्मार्ट फोन के साथ जियो सिम मिलेगी, वहीं राज्य सरकार ने ग्रामों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए रिलायंस जिओ को कम से कम 2500 टावर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी लागत लगभग रु. 750 करोड़ तथा रु. 200 करोड़ प्रतिवर्ष इन टावरों के संचालन पर व्यय करना है। इससे राज्य के दूरस्थ अंचलों में कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो टेलीकॉम कंपनी की ओर से नेटवर्क विस्तार की कार्ययोजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि स्मार्ट फोन वितरण को लेकर लोगों से आवेदन आमंत्रित किया जाना शुरू हो चुका है।
प्रदेश में 50 लाख स्मार्ट फोन वितरित होने के बाद नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ेगा, जिसकी वजह से कॉल ड्रॉप, क्रॉस कनेक्शन आदि की समस्या बढ़ेगी। दूरसंचार प्रवर्तन विभाग के मुताबिक वर्तमान में राजधानी में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 2 करोड़ है, वहीं बीटीएस की संख्या लगभग 26 हजार है। वर्तमान में उपभोक्ताओं के मुताबिक बीटीएस की स्थापना नहीं होने से अभी से कॉल ड्रॉप आदि की समस्या आ रही है। नेटवर्क विस्तार के बाद इसमें और तेजी आने की आशंका है।
5 इंच की स्क्रीन है
5 मेगा पिक्सल का बैक कैमरा तथा 4 इंच की स्क्रीन
3. महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख फोन वितरित किया जाना है।
संचार क्रांति प्रभारी (सीइओ, जिला पंचायत रायपुर) दीपक सोनी ने बताया कि स्मार्ट फोन वितरण के संबंध में जिले में 121 स्थलों का निरीक्षण कर मोबाइल टावर की स्थापना का प्रस्ताव चिप्स को भेजा गया है, ताकि नेटवर्क की स्थिति बेहतर हो सके।
दूरसंचार प्रर्वतन एवं निगरानी प्रकोष्ठ (छत्तीसगढ़) के निदेशक राजेद्र कुमार गहरवाल ने बताया कि संचार क्रांति योजना के अंर्तगत दूरसंचार नेटवर्क बढ़ाने को लेकर अभी तक विभाग को टेलीकॉम कंपनियों की ओर से नए प्रस्ताव नहीं आए हैं। नेटवर्क विस्तार के प्रस्ताव आने पर नियमों के मुताबिक कंपनी को टावर और बीटीएस लगाने की अनुमति दी जाएगी।
Published on:
06 Jun 2018 10:03 am
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