
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर घट सकता है वैट, सीएम हाउस में स्टेट कैबिनेट की बैठक आज
रायपुर. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से उठे विरोध के बीच राज्य सरकार पेट्रोलियम उत्पादों से वैट की दरें कम कर सकती है। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल पर 25 प्रतिशत वैट लगता है। राज्य के राजस्व का करीब 29 प्रतिशत हिस्सा इसी से आता है। यह रकम 3 हजार 277 करोड़ रुपए से अधिक की है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास में शाम 6.30 बजे होनी है। बैठक के एजेंडे के बारे में तस्वीर साफ नहीं है। बताया जा रहा है, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में पेट्रोलियम मूल्यों में वृद्घि के खिलाफ कांग्रेस के भारत बंद को निष्प्रभावी करने के लिए राज्यों से करों में कटौती का सुझाव दिया गया है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि ऐसा करके कांग्रेस शासित प्रदेशों पर मूल्य कटौती का दबाव बनाया जा सकता है।
देशभर में भाजपा यह प्रचारित करेगी कि भाजपा शासित राज्यों ने कीमतों मेंं राहत दी, लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया है। सितम्बर-अक्टूबर 2017 में भी केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व ने वैट में करीब 5 प्रतिशत की कटौती का सुझाव दिया था, लेकिन सरकारी खजाने पर दबाव और राजनीतिक रूप से खुद को काफी मजबूत आंककर राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया था।
राष्ट्रीय कार्यसमिति से वापस लौटे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम पर वैट की दर सबसे कम है। उन्होंने रुपए में गिरावट को चालू महंगाई के लिए जिम्मेदार बताया है।
जानकारी के अनुसार मानसरोवर यात्रा पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जगह यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी बंद की अगुवाई करेंगी। वे राजघाट पर सुबह आठ बजे से धरने पर बैठेंगी। रायपुर में भी बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपना समर्थन दिया है। इससे प्रदेश में सोमवार को बाजार से लेकर पेट्रोल-पंपों पर असर रहेगा।
Published on:
10 Sept 2018 08:45 am
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