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प्रसिद्ध दार्शनिक ओशो के भाई स्वामी शैलेंद्र राजकीय अतिथि घोषित, 21 दिसंबर तक रहेंगे छत्तीसगढ़ में

रायपुर में वे सर्किट हाउस में कुछ देर रुककर ओशो प्रेमियों से मुलाकात करेंगे फिर चाम्पा के लिए रवाना हो जाएंगे। शिविर 21 दिसंबर दोपहर तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि ओशो रायपुर में रहे हैं और यहां के संस्कृत कॉलेज में पढ़ा चुके हैं। उन्होंने अपने कई प्रवचनों में रायपुर से जुड़े संस्मरण सुनाए हैं।

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में आध्यात्मिक जागरण के लिए ओशो के भाई स्वामी शैलेन्द्र आ रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन ने राजकीय अतिथि घोषित किया गया है। स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती 17 दिसंबर को रायपुर पहुंचेंगे और जांजगीर चाम्पा के ओशो आश्रम मधुबन में 25 दिसंबर तक दो अलग-अलग ध्यान शिविरों का संचालन करेंगे। उनके साथ स्वामी मस्तो बाबा भी साथ होंगे।

रायपुर में वे सर्किट हाउस में कुछ देर रुककर ओशो प्रेमियों से मुलाकात करेंगे फिर चाम्पा के लिए रवाना हो जाएंगे। शिविर 21 दिसंबर दोपहर तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि ओशो रायपुर में रहे हैं और यहां के संस्कृत कॉलेज में पढ़ा चुके हैं। उन्होंने अपने कई प्रवचनों में रायपुर से जुड़े संस्मरण सुनाए हैं।

ओशो रह चुके हैं अध्यापक
रायपुर के संस्कृत कालेज की एक पहचान यह भी है कि यहां प्रसिद्ध दार्शनिक ओशो भी अध्यापक रह चुके हैं। यहां की लाइब्रेरी काफी समृद्ध है। यहां में वेद, पुराण, ज्योतिष, उपनिषद समेत करीब 31 हजार किताबें हैं। इसमें से 1047 हस्तलिखित किताबें हैं। जानकारी के मुताबिक वेद, पुराण, ज्योतिष, उपनिषद समेत अन्य से संबंधित इतनी अधिक हस्तलिखित किताबें राज्य कि किसी अन्य लाइब्रेरी में नहीं हैं। राजधानी का संस्कृत कॉलेज प्रदेश में अकेला है जहां संस्कृत में वेद, व्याकरण, संस्कृत साहित्य, ज्योतिष की पढ़ाई पूरी तरह संस्कृत में हो रही है।