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पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को बताया किसानों के हित में

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिया हिस्सा मुख्यमंत्री ने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का दिया सुझाव

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पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को बताया किसानों के हित में

पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को बताया किसानों के हित में

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के हित में है, गाय के गोबर से तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट खेतों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में रविवार को हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की सातवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बैठक से संबंधित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर अपनी बातें रखीं।

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पीएम नरेन्द्र मोदी के सामने सीएम भूपेश बघेल ने जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली से राज्यों को राजस्व की हानि हुई है। आगामी वर्ष में राज्य को लगभग 5000 करोड़ के राजस्व की हानि की भरपाई की व्यवस्था केंद्र सरकार ने नहीं की है, इसलिए जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान को जून 2022 के बाद भी 5 वर्षों के लिए जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि विगत 3 वर्षों के केंद्रीय बजट में छतीसगढ़ को केंद्रीय करों में हिस्से की राशि 13089 करोड़ कम प्राप्त हुई हैं। इससे छत्तीसगढ़ के संसाधनों पर अत्याधिक दबाव की स्थिति निर्मित हुई है। केंद्रीय करों के हिस्से की पूरी राशि देने की मांग उन्होंने की।
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सीएम भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अध्यक्षता में हुई बैठक में कोल ब्लॉक कंपनियों से कोयला उत्खनन पर 295 रुपए प्रति टन के मान से केंद्र सरकार के पास जमा राशि 4140 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ को शीघ्र देने की मांग की। उन्होने कहा कि लगभग 65 प्रतिशत खनिज राजस्व का स्रोत छत्तीसगढ़ में संचालित लौह अयस्क खानें हैं। रॉयल्टी दरों में संशोधन राज्य के वित्तीय हित में आवश्यक है। उन्होंने कोयला एवं अन्य मुख्य खनिजों की रॉयल्टी की दरों में संशोधन का अनुरोध किया।
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