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OMG! लाश को छह महीने तक फ्रीजर में रखा, जब पडऩे लगे कीड़े तो किया अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ में एक एेसा मामला सामने आया, जिसमें एक शख्स की मौत के बाद उसके शव को छह महीने तक फ्रीजर में रखना पड़ा।
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 30 Oct 2017, 2:35 PM IST

dead body in freezer

OMG! लाश को छह महीने तक फ्रिजर में रखा, जब पडऩे लगे कीड़े तो किया अंतिम संस्कार

जितेन्द्र दहिया/रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक एेसा मामला सामने आया है, जहां एक मां की निष्ठुर ममता और थाने की सीमा विवाद के चलते एक शव का अंतिम संस्कार आठ माह का बाद हुआ। थाने की सीमा के विवाद को सुलझाने में पुलिस को आठ माह से ज्यादा का समय लग गया। लेकिन मां की ममता व परिजनों ने अब भी सुध नहीं ली है। मामला Moudhapara police station, गोलबाजार और कोतवाली पुलिस थाने की सीमा को लेकर था।

पुलिस ने सीमा मामले को सुलझाने तक शव को छह माह तक फ्रीजर में रखा था। आखिर में गोलबाजार पुलिस ने अपनी सीमा का मामला मानते हुए शव का अंतिम संस्कार कराया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि मृतक को अस्पताल में परिजनों ने भर्ती कराते समय निवास का पता स्पष्ट पता नहीं लिखाया था, इसलिए अंतिम संस्कार अटका रहा। आखिकार शनिवार को मोक्ष श्रद्धांजलि सेवा समिति की मदद से शव को दफनाया गया। यह शव अंबेडकर अस्पताल शवगृह के फ्रीजर में रखा हुआ था।

शव होने लगा था खराब
मोक्ष श्रद्धांजलि सेवा समिति के संचालक जमीर अली ने बताया कि जब शव का अंतिम संस्कार करने के लिए फ्रीजर से निकाला गया, तो शव की हालत बेहद खराब थी। शव में कीड़े पड़ चुके थे। शनिवार की दोपहर विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया।

ये है पूरा मामला
सुदर्शन डोंगरे पिता बिराग डोंगरे (25 वर्ष) को उनकी मां सुरजू डोंगरे ने 8 मार्च 2017 को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उसकी मां अस्पताल नहीं पहुंची। उनके कोई भी परिजन देखने भी नहीं पहुंचा। अस्पताल में इलाज के दौरान ही सुदर्शन की मौत 10 मार्च को हो गई। तब से अस्पताल प्रबंधन ने कई बार एडमिशन फार्म में लिखे मोबाइल पर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस जब भी उनके दिए हुए मोबाइल नंबर पर फोन करती तो तमिल भाषा में फोन कंपनी से मोबाइल बंद होनी सूचना मिलती थी। जब शव लेने के लिए कोई भी नहीं आया तो अंबेडकर अस्पताल की पुलिस चौंकी में सुदर्शन का मर्ग कायम किया गया। इसके बाद से शव मरचुरी में गत 27 अक्टूबर तक रखा हुआ था।

अस्पताल में दर्ज मोतीबाग के पते पर नहीं मिले परिजन
भर्ती कराते समय महिला ने मोतीबाग का पता लिखाया था। जब परिजन नहीं आए तो अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल में मौत होने के कारण मोदहापारा थाने में सूचना दी। इसके बाद सूचना सिविल लाइन थाना भेजी गई। जब वहां से भी कोई मदद नहीं मिली तो गोलबाजार थाने में सूचना दी गई। गोलबजार पुलिस ने अपने क्षेत्र में मृतक के घर की तलाश की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके बाद एएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर गोलबजार थाना प्रभारी संदीप चंद्राकर ने शव का अंतिम संस्कार मोक्ष श्रद्धांजलि संस्था की मदद से करवाया।