
Raipur Crime News : राजधानी में पुलिस की संवेदनशीलता और आपसी सामंजस्य का हाल ऐसा है कि एक थाने में जिस युवक के गुमशुदा होने का मामला दर्ज होता है, उसी दिन दूसरे थाना क्षेत्र में उसका संदिग्ध रूप से शव मिलता है। इसके बाद उसे लावारिस मानकर दफन कर दिया जाता है। इसकी शिकायत के बाद शव को कब्र से फिर निकाला गया और परिजनों को सौंपा गया। फिर परिजनों ने विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार किया।
यह है मामला
आदर्श नगर मोवा निवासी 24 वर्षीय अंकित धामेजा 25 जनवरी की दोपहर अपने घर से निकला था। इसके वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने रात में पंडरी थाने में सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदा का मामला दर्ज किया। युवक का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद पंडरी पुलिस ने युवक की तलाश नहीं की। दूसरी ओर 26 जनवरी को अंकित का शव संदिग्ध रूप से मंदिरहसौद थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रेक पर मिला। मंदिरहसौद पुलिस ने ट्रेन से कटकर मौत होने का मामला मानकर पीएम कराया। इसके बाद शव को लावारिस समझकर जोरा में दफन कर दिया। इस बीच पंडरी और मंदिरहसौद थाने के बीच युवक के गुमशुदा होने और लावारिस शव को लेकर कोई कम्यूनिकेशन नहीं हुआ। 27 जनवरी को पंडरी पुलिस को पता चला कि जिस युवक को मंदिरहसौद पुलिस ने लावारिस मानकर दफन कर दिया है, उस मामले में उनके थाने में गुमशुदा का मामला दर्ज है। इसके बाद पंडरी पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचना दी। परिजन मंदिरहसौद थाने पहुंचे, तो फोटो और अन्य चीजों से युवक की पहचान हुई। परिजनों ने शव को लावारिस दफनाए जाने को लेकर आपत्ति जताते हुए एसएसपी से शिकायत की और शव की मांग की। इसके बाद गुरुवार को कब्र की खुदाई करके अंकित के शव को बाहर निकाला गया। उनके परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
युवती से था प्रेम-प्रसंग
अंकित का एक युवती से प्रेम-संबंध था। 25 जनवरी को किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद अंकित युवती का मोबाइल लेकर चला गया। वह अपने घर भी नहीं आया। रात भर उसका पता नहीं चला। उसका मोबाइल भी बंद हो गया था। केवल लड़की के मोबाइल से बातचीत हो रही थी। अगले दिन मंदिरहसौद पुलिस को उसका शव मिला।
Published on:
02 Feb 2024 12:49 pm
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