
अधिकारी के अनशन मामले में सियासत: सरोज पांडेय बोलीं - करोड़ों लेने वाली मंत्री बर्खास्त हो, मंत्री चौबे ने कहा भाजपा मुद्दाविहीन
रायपुर. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले का अपने ही विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने को लेकर जारी अनशन पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सत्तापक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा सांसद सरोज पांडेय(BJP MP Saroj Pandey) ने सोमवार को सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि करोड़ों रुपए की राशि मंत्री तक जा रही है। संबंधित मंत्री सामने नहीं आई हैं। सरकार उन्हें बर्खास्त कर पूरे मामले की सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच करवाए। तो वहीं संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे (Cabinet Minister Ravindra Choubey) ने भाजपा को मुद्दाविहीन करार दिया है।
रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री चौबे ने कहा कि 2 विभागीय कर्मचारी के मतभेद को भाजपा मुद्दा बना रही है। विपक्ष का इतना कमजोर होना दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा ने राज्यपाल को इस बारे में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है, तो वहीं सोमवार को महिला मोर्चा ने प्रेस कांफे्रंस कर सरकार पर हमला बोला।
सांसद सरोज पांडेय, महिला मोर्चा की प्रभारी लता उसेंडी और प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने सरकार से इस पूरे मामले में इस प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। 'पत्रिका' के सवाल पर सांसद सरोज पांडेय ने कहा कि न सिर्फ महासमुंद बल्कि राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) और रेडी टू ईट के आवंटन की जांच हो। संबंधित अधिकारी को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, राजनीतिक तौर पर प्रताडि़त न किया जाए।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए आय का जरिया
सांसद सरोज ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए आय का जरिया बन गया है। असम चुनाव की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को मिली थी। कोरोनाकाल में जब राज्य में हाहाकार मचा हुआ था, तब छत्तीसगढ़ का पैसा असम भेजा जा रहा था। यह उसी का उदाहरण है।
यह है मामला
महासमुंद जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2020-2021 में स्तरहीन और घटिया उपहार सामग्री में गंभीर वित्तीय अनियमितता और रेडी टू ईट वितरण योजना में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। इसकी जांच महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले ने की, रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी। 30 लाख की गड़बड़ी के इस प्रकरण में कार्रवाई न होने पर बोदले ने अनशन शुरू कर दिया था।
Published on:
17 May 2021 09:22 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
