
रायपुर. वर्षों से कानूनी उलझनों में फंसे आमजन और गरीब लोगों को अब पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय की ओर से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए बुधवार को विवि के स्थापना दिवस के अवसर पर विधि अध्ययनशाला में विधिक सहायता क्लीनिक की शुरुआत की गई है। क्लीनिक का उद्घाटन जेएनयू दिल्ली के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार शुक्ल और विवि के कुलपति प्रो. सच्चिनंद शुक्ल ने किया। क्लीनिक के प्रभारी डॉ. ऐके साहू ने बताया कि क्लीनिक खोलने का मुख्य उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 21 और 39 क में नागरिकों को प्रदत्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। यहां उन लोगों को कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी, जो विधिक समस्याओं से निदान पाने में असमर्थ है। उद्घाटन अवसर पर विधि विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव चौधरी, सहायक प्राध्यापक डॉ. ऐके साहू, डॉ. प्रिया राव व डॉ. वेणुधर रौतिया व छात्रगण उपस्थित रहे।
न्याय प्रणाली खर्चीली, इसलिए आवश्यकता
डॉ. ऐके साहू का कहना है कि वर्तमान में न्याय प्रणाली काफी खर्चीली है। इसलिए क्लीनिक के माध्यम से वर्ष में दो बार ग्रामीण और शहरी अंचलों में विधिक शिविर का आयोजन कर और प्रतिदिन 2 से 5 बजे तक विधिक सेवा प्रदान की जाएगी। साथ ही सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
क्लीनिक में यह सेवा प्रदान की जाएगी
1- विधिक समस्याओं के निदान के लिए दस्तावेजों के प्रारूपण की जानकारी व सहायता उपलब्ध करवाना
2- विधिक परामर्श उपलब्ध करवाना
3-विभिन्न सरकारी योजनाओं से अवगत करवाना
4-विधिक सहायता चाहने वाले व्यक्तिओं का सरकारी कार्यालयों में संपर्क स्थापित करवाना
5-विधिक शिक्षा साक्षरता के उत्थान में सहायता प्रदान करना
6- लोक अदालतों में संस्थित मामलों के संदभ में मार्गदर्शन प्रदान करना
7- विधिक सेवा शिविरों का आयोजन करना
Published on:
02 May 2024 06:09 pm

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
