
प्रदेश की करीब 75 हजार मितानिनें अभी भी सुरक्षा उपकरणों के इंतज़ार में,व्यथा और सम्मान को लेकर राहुल टिकरिहा ने CM और स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
रायपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर सरकार लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रही है। वहीं सबसे निचले स्तर पर ग्रामीण अंचल में कार्य कर रहीं मितानिनों की चिंंता स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। कोविड 19 के दहशत के बीच कोरोना वरियर्स की सुरक्षा भी प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है। गंभीर बात यह है कि कोरोना कहर के बीच इन मितानिनों के पास स्वयं की सुरक्षा के लिए न तो मास्क है और न ही ग्लब्स।
छत्तीसगढ़ में 74993 मितानिन रात और दिन लोगों की सुरक्षा में लगीं हुई है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोका जा सकें। इनकी सुरक्षा, सम्मान व व्यथा को लेकर आज अंकुर समाज सेवी संस्था के प्रदेश संयोजक एवं जिला पंचायत बेमेतरा के सभापति राहुल योगराज टिकरिहा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव को पत्र लिखकर मितानिनों को सुरक्षा किट (मास्क व ग्लब्स), राज्य द्वारा मिलने वाली 75% राज्यांश को निरंतर प्रदाय करने व बीमा एवं सम्मान प्रदान करने का निवेदन किया है।
सभापति राहुल टिकरिहा ने मुख्यमंत्री बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव को पत्र में लिखा है - माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी एवं स्वास्थ्य मंत्री माननीय टी. एस. सिंहदेव जी प्रदेश में कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय है। कोरोना वायरस के रोकथाम में स्थानीय स्तर पर मितानिन बहनें महती भूमिका निभा रही है। अपनी जान जोखिम में डालकर भी सेवा कार्य में लगे हुए है। उन सभी के सेवाभाव को मैं नमन करता हूँ।
महोदय जी आपसे विषयान्तर्गत निवेदन है स्थानीय स्तर पर सभी मितानिन जन जागरूकता से लेकर गॉव में बाहर से आने जाने वालों पर नजर जमाए हुए है साथ ही जब भी कोई बाहर से आ रहे है तो उसकी जानकारी भी मितानिन बहने ही पहले लेने जाते है। लेकिन मितानिनों के पास स्वयं के सुरक्षा के लिए मास्क और ग्लब्स नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी को मास्क एवं ग्लब्स प्रदान करने की कृपा करें। साथ ही कहा है - भगवान करें कभी हमारी ये बहने इस संक्रमण में न आए लेकिन फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से सभी बहनों का सुरक्षा बीमा सरकार द्वारा कराया जाना चाहिए साथ ही जब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग का उत्साहवर्धन किया जाता है व सम्मान दिया जाता है उन सभी जगहों में भी मितानिन बहनों का नाम जोड़ा जाए। महोदय जी आपसे मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है आप इन विषयों पर विचार कर शीघ्र ही पूरा करेंगे।
क्या है मितानिनों को मिलने वाला 75% राज्यांश
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग मितानिनों को उनके महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है जिसे राज्यांश कहते हैं। बता दें पहले यह प्रोत्साहन राशि 50 प्रतिशत थी जिसे एक अप्रैल 2018 को प्रदेश के पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने 50 प्रतिशत के स्थान पर 75 प्रतिशत राज्य अंश भुगतान करने की मांग पर मुहर लगा दी थी।मिली जानकरी के अनुसार प्रदेश के किसी भी मितानिन को जनवरी 2020 से अब तक 75% राज्यांश का भुगतान नहीं किया गया है।
Updated on:
15 Apr 2020 08:39 pm
Published on:
15 Apr 2020 08:19 pm
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