नंदनवन में दो बंगाल टाइगरों की शिफ्टिंग के साथ ही अब उनका कुनबा सात का हो गया। शुक्रवार की सुबह 10 बजे यहां कानपुर के जू से 4 साल उम्र की एक टाइग्रेस और डेढ़ साल उम्र के एक टाइगर को यहां लाया गया। इनके बदले नंदनवन के मेल लॉयन 'अजयÓ और लॉयनेस 'नंदिनीÓ को कानपुर जू भेजा जाएगा। हालांकि उनके ले जाने की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
एक माह बाद देख सकेंगे पर्यटक
नंदनवन के अधिकारियों ने बताया कि बंगाल टाइगर्स को फिलहाल आइसोलेशन में रखा जाएगा। कम से कम एक माह बाद उन्हें पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इस बीच उनका हेल्थ चेकअप किया जाएगा। संक्रमण आदि के जांच होंगे। वारेन टाइम पीरियड में वे दोनों वाइल्ड लाइफ यहां के क्लाइमेट में खुद को ढाल सकेंगे। इस दौरान उन्हें किसी भी प्रकार के व्यवधान से दूर रखा जाएगा।
प्रदेश में बढ़ा बाघों का कुनबा
अब प्रदेश में लगभग 21 बाघ हो गए। बिलासपुर के कानन पेंडारी के सात, जंगल सफारी के दो टाइगर भी इसमें शामिल हैं। कानन पेंडारी में व्हाइट टाइगरों की संख्या भी सात है, जबकि भिलाई के मैत्रीबाग में लगभग पांच व्हाइट टाइगर है।
जंगल सफारी भी आएंगे बंगाल टाइगर
इन दोनों बंगाल टाइगर्स को बीच-बीच में जंगल सफारी मेंं भी लाया जाएगा, ताकि यहां पहुंचने वाले पर्यटक भी उन्हें देख सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एक बार यहां के क्लाइमेट में उनके एडजस्ट होने के बाद उन्हें रोटेशन पर रखा जाएगा। कभी जंगल सफारी, तो कभी नंदनवन जू मेंं इन्हें रखा जाएगा। लेकिन यह सब वारेन टाइम पीरियड के बाद होगा।
फिलहाल दोनों बंगाल टाइगर्स को वारेन टाइम पीरियड में रखा जाएगा। लगभग 1 माह तक उन्हें पर्यटकों से दूर रखा जाएगा। इसके बाद टूरिस्ट के लिए खोला जाएगा। यहां से एक लॉयन और लॉयनेस कानपुर भेजेंगे, लेकिन अभी समय लगेगा।
- अनिल सोनी, डायरेक्टर, जू एंड सफारी