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सैलरी घोटाला में जोन कमिश्नरों का नाम आने से निगम अफसरों में हड़कंप

- निगम के जोन-3 का मामला: होली के बाद विभागीय जांच कमेटी करेगी संबंधितों से पूछताछ .

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रायपुर . नगर निगम जोन तीन में लाखों रूपए के सैलरी घोटाला के मुख्य आरोपी गंगाराम सिन्हा के द्वारा पुलिस पूछताछ में जोन कमिश्नरों की शह पर यह फर्जीवाड़ा करने की बात कबूल करने से निगम अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं, नगर निगम द्वारा सैलरी घोटाले की जांच के लिए गठित विभागीय कमेटी भी अब पूर्व जोन कमिश्नरों और तत्काली अकाउंटेंट से पूछताछ करने के लिए पूरा मसौदा तैयार कर लिया है। होली के बाद ही विभागीय जांच शुरू की जाएगी। सैलरी घोटाले में शामिल कम्प्यूटर आपरेटर नेहा परवीन अभी भी जोन के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं।

उल्लेखनीय है कि सैलरी घोटाला वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, जो वर्ष 2020 नवंबर तक बेखौफ चलता रहा। वर्ष 2016 में जोन कमिश्नर महेंद्र पाठक थे, जो वर्तमान में जोन तीन के ही जोन कमिश्नर हैं। उनके समय करीब एक लाख रुपए का घोटाला दिखा रहा है। सबसे अधिक घोटाला अरुण साहू के कार्यकाल में करीब 50 लाख रुपए हुआ है। इसके बाद रमेश जायसवाल के कार्यकाल में करीब 15 लाख रुपए घोटाला दिखा रहा है। इन सभी से विभागीय जांच कमेटी में शामिल अधिकारी कड़ाई से पूछताछ करेंगे। वहीं, तत्काली अकाउंटेंट सदानंद परमार से भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल परमार नगर निगम में संविदा पर काम कर रहे हैं।

सैलरी घोटाले में शामिल किसी भी अधिकारी कर्मचारी को नहीं बख्शा जाएगा। विभागीय कमेटी को होली के बाद 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है, ताकि संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके।

- एजाज ढेबर, महापौर, नगर निगम रायुपर