
High court verdict in New Swagat Vihar case
रायपुर . राजधानी के न्यू स्वागत विहार में प्लॉट खरीदने वाले लंबी लड़ाई के बाद जीत गए। हाईकोर्ट से न्याय मिलने पर 3200 परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। गुरुवार शाम को न्यू स्वागत विहार भू स्वामी कल्याण समिति से जुड़े सदस्यों ने जयस्तंभ चौक में एकत्रित होकर पटाखे फोड़ कर जश्न मनाया। इसमें अनेक लोग शामिल हुए।
समिति के अध्यक्ष अनिल राव ने कहा कि न्यू स्वागत विहार का घोटाला फूटने के बाद राज्य शासन ने सभी लेआउट निरस्त कर दिया था। जबकि बिल्डर स्व. संजय वाजपेयी ने सरकारी नुमाइंदों के साथ मिलीभगत कर 650 करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया था। 25 एकड़ सरकारी जमीन भी लेआउट में शामिल करा दी गई। जब शासन ने हाईपॉवर कमेटी गठित कर जांच कराई तो पूरा घोटाला उजागर हुआ।
बिल्डर के सभी लेआउट जो पास किए गए थे, उसे निरस्त कर दिया। लेकिन न्यू स्वागत विहार में जिन लोगों अपनी गाढ़ी कमाई से मकान बनाने के लिए प्लॉट खरीदे थे, उनका अधिकार छिन लिया गया था और उन्हें मकान नहीं बनाने दिया जा रहा था। न्याय की गुहार उच्च न्यायालय से लगाते हुए पीडि़तों ने कोर्ट में त्वरित सुनवाई याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने १३ सितंबर को पीडि़तों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
यह हुआ फैसला
समिति के अध्यक्ष अनिल राव ने बताया कि 125 लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर किया था। कोर्ट ने फैसला दिया है कि सभी निवेशकों को भूखंड आवंटित किया जाए। विवादित क्षेत्र में जिनका भूखंड है, उन्हें निर्विवादित जगह में भूखंड दिया जाए, या उनकी पूंजी लौटाई जाए। शासन को कहा गया है कि लेआउट को यथावत रखा जाए। संपूर्ण कार्य 45 दिनों की अवधि में पूर्ण करने का आदेश दिया गया है।
जयस्तंभ में फोड़े पटाखे
न्यू स्वागत विहार में फंसे पीडि़तों ने कोर्ट न्याय मिलने पर खुशी से झूम उठे। शाम को राजधानी के जयस्तंभ चौक पहुंचकर पटाखे फोड़कर जश्न मनाया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया। इसमें कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं पीडि़तों के सलाहकार कन्हैया लाल अग्रवाल सहित अन्य लोग भी शामिल हुए।
Published on:
14 Sep 2017, 12:43 AM IST
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