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आज के दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए कैसे करें आराधना

आज नवरात्र का दूसरा दिन है और आज मां दुर्गा अपने द्वितीय स्वरूप में ब्रह्मचारिणी के रूप में जानी जाती हैं। ब्रह्म का अर्थ है,तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती...

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Surya Pratap Goutam

Oct 02, 2016

Maa Brahmacharini

Maa Brahmacharini

रायपुर.
आज नवरात्र का दूसरा दिन है और आज मां दुर्गा अपने द्वितीय स्वरूप में ब्रह्मचारिणी के रूप में जानी जाती हैं। ब्रह्म का अर्थ है,तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती, जिस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यन्त भव्य है, इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बायें हाथ में कमण्डल रहता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, वैराग्य और सद्बुध्दि की प्राप्ति होती है। और जीवन की समस्त परेशानियों का नाश होता है।


आप कहेंगे की ब्रह्मचारिणी का अर्थ क्या होता है तो ब्रह्म अर्थात तपस्या और चारिणी आचरण करने वाली जो तप का आचरण करने वाली हो। मां ब्रह्मचारिणी मैना और हिमालय की पुत्रि हैं जिन्होंने नारदजी कहने पर भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था। और जब जाकर भगवान शिव ने इका अर्पण किया था इस कारण इन्हें अपर्णा के नाम से भी जाना जाता है।


कैसे करें मां ब्रह्मचारिणी की आराधना

-नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्चारिणी की पूजा की जाती है इस दिन सुबह उठकर नित्य क्रिया करके स्नानादि करके मां के समक्ष जाकर हाथों में सफेद पुष्प लेकर सच्चे मन से मां के नाम का स्मरण करें और घी का दीपक जलाकर मां की मूर्ति का पंचामृत से अभिषेक करें।


-इसके बाद मातारानी को कुमकुम सिंदूर लगाकर मां के इस मंत्र का उच्चारण करें।

इधाना कदपद्माभ्याममक्षमालाक कमण्डलु
देवी प्रसिदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्त्मा

-इसके बाद प्रसाद जो आपने बनाया है वह मां को अर्पण करें एवं प्रसाद के पश्चात आचमन और फिर पान, सुपारी भेंट कर इनकी प्रदक्षिणा करें। कलश देवता की पूजा के पश्चात इसी प्रकार नवग्रह, दशदिक्पाल, नगर देवता, ग्राम देवता, की पूजा करें। इनकी पूजा के पश्चात माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करें।


-ध्यान रखने योग्य बात यह है कि मां ब्रह्मचारिणी को इस दिन चीनी अर्थात शक्कर का प्रसाद अवश्य चढ़ाना चाहिए।


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