आज नवरात्र का दूसरा दिन है और आज मां दुर्गा अपने द्वितीय स्वरूप में ब्रह्मचारिणी के रूप में जानी जाती हैं। ब्रह्म का अर्थ है,तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती, जिस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यन्त भव्य है, इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बायें हाथ में कमण्डल रहता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, वैराग्य और सद्बुध्दि की प्राप्ति होती है। और जीवन की समस्त परेशानियों का नाश होता है।