निखिल भारत उदवास्तु समन्वय समिति के बैनर तले पंखाजूर से माना पहुंचे। माना से पदयात्रा करते हुए बूढ़ा तालाब स्थिति धरना स्थल पर पहुंचकर समाज के लोगों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई। समाज की मांग है कि छत्तीसगढ़ में निवासरत बंगाली नमो:शुद्र, पौण्ड्र एवं राजवंशी समुदाय को अनुसूचित जाति और समुदाय के वैश्य, कपाली, नाई, लोहार, तेली, जुलाहा, कुम्हार, सुरी, ग्वाला, धोबी, कैवर्त आदि अन्य जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग में मान्यता दी जाए।