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सेल्फी के शौक ने ले ली दो लाडलों की जान, पूरा परिवार डूबा शोक में

बीआईटी इंजीनीयरिंग कालेज केंद्री के दो छात्रों की शुक्रवार को मुरूम खदान में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दोनो खदान के पास खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे।
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deepak dilliwar

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Oct 08, 2016

Farmers shall day running Patwari son now take sel

Farmers shall day running Patwari son now take selfies ...

रायपुर/अभनपुर. बीआईटी इंजीनीयरिंग कालेज केंद्री के दो छात्रों की शुक्रवार को मुरूम खदान में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दोनो खदान के पास खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान एक छात्र का पैर फिसला और वह पानी में जा गिरा। उसे बचाने दूसरा छात्र भी कूदा, लेकिन वह भी डूब गया। उन दोनों को डूबता देख तीसरे छात्र ने भी खदान में छलांग लगाई, लेकिन गहराई देख कर वापस लौट गया।

बीआईटी कॉलेज के इटीएनटी ब्रांच में 5 वें सेमेस्टर के छात्र बूढापारा निवासी टी एकंबर सोनी पिता टी.नागेश्वर सोनी, न्यू शांति नगर निवासी सुमीत रे पिता सुभाषचंद रे(22) दोपहर में कॉलेज की छुट्टी होने के बाद एक अन्य छात्र राहुल के साथ कॉलेज से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित पानी से भरे मुरूम खदान पहुंचे और उसके किनारे खड़े होकर सेल्फी लेने लगे। खदान की गहराई तकरीबन 25 से 30 फिट है। सेल्फी लेने की दौरान टी. एकांबर सोनी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए सुमित रे भी पानी में उतर गया, लेकिन सोनी के साथ वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख राहुल ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण वह वापस लौट गया। इसके बाद भागता हुआ कॉलेज पहुंचा और घटना की जानकारी दी।

यहां से कॉलेज का स्टॉफ व अन्य छात्र मौके पर पहुंचे, लेकिन गहरे पानी में डूबे छात्रों को ढूंढने का कोई साहस नही कर पाया। कॉलेज के स्टॉफ ने अभनपुर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांववालो की मदद से दोनों छात्रों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस से उन्हें अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उहें मृत घोषित कर दिया।

मुरूम खदान अवैध
जिस मुरूम खदान में डुबकर छात्रो की मौत हुई, वह अवैध है। इस खदानों में कही 5-10 फीट तो कही 25-30 फीट गहरा गढ्ढा किया गया है। एेसे खदानो में पानी भर जाने से किसी को गहराई का अंदाजा नही हो पाता। इस इलाके में दर्जनों स्थल है जिसमें सुरक्षा की दृष्टि खतरे का कोई साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।