
राजस्थान में गहरा रहा बिजली संकट, मदद के लिए अशोक गहलोत ने CM बघेल को लिखा पत्र, की यह मांग
रायपुर. राजस्थान में बढ़ रहे बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक बार फिर पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल से आग्रह किया है कि परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोल ब्लॉक की द्वितीय चरण की 1136 हेक्टेयर वनभूमि में से वर्ष 2023-24 के लिए 91.21 हेक्टेयर वनभूमि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को तत्काल उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
इससे राजस्थान के तापीय विद्युतगृहों से उत्पादन जारी रखा जा सके एवं राज्य सरकार पर पड़ रहे विपरित प्रभावों को रोका जा सके।राजस्थान के सीएम ने पत्र में आगे लिखा है कि कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (राज्य सरकार का उपक्रम) को अपने 4340 मेगावाट क्षमता के तापीय विद्युत संयंत्रों के कोयले की मांग को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के हसदेव अरण्य कोलफिल्ड क्षेत्र में परसा ईस्ट एवं काला बासन (पीईबी) कोल ब्लॉक आवंटित किया गया है।
पीईबी कोल ब्लॉक की द्वितीय चरण वन भूमि (1136 हेक्टेयर) पर खनन कार्य करने के लिए आवश्यक अनुमतियों सहित समस्त मंजूरी एवं अनुमोदन प्राप्त हो चुके हैं। इस वन भूमि में से चरणबद्ध तरीके से खनन किए जाने के लिए वर्ष 2022-23 के लिए 134.84 हेक्टेयर भूमि पर वनों की कटाई की स्वीकृति वन विभाग, सरगुजा द्वारा मई, 2022 में दी गई थी, किन्तु इसमें से मात्र 43.63 हेक्टेयर भूमि ही सौंपी गई है जिस पर कोल भंडार तकरीबन समाप्त होने के कारण खनन कार्य बंद हो गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शेष 91.21 हेक्टेयर वनभूमि खनन के लिए आज तक सीपी नहीं जा सकी है। जिसके फलस्वरूप इस कोल ब्लॉक से प्रतिदिन मिलने वाली 9-10 कोल रेक्स की आपूर्ति पूर्णतया बंद हो गई है। इस आपूर्ति के बंद होने से राजस्थान के तापीय विद्युत संयंत्रों से बिजली का उत्पादन गंभीर रूप से बाधित हो रहा है।
उक्त परिस्थिति से राजस्थान में गंभीर बिजली संकट हो सकता है, जो कानून व्यवस्था को विपरीत रूप से प्रभावित करेगा। बता दें कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के सचिव आलोक कुमार ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखा था।
Updated on:
30 Aug 2023 01:53 pm
Published on:
30 Aug 2023 01:51 pm
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