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रतनपुर महामाया देवी 4 किलो स्वर्ण आभूषणो से हुआ राजश्री श्रृंगार

माता को रानीहार, कंठ हार, मोहर हार,ढार,चंद्रहार,पटिया समेत 9 प्रकार के हार,करधन,नथ धारण कराया गया। राजश्री श्रृंगार के बाद मां महामाया की महाआरती हुआ ।

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रतनपुर। शारदीय(क्वांर)नवरात्र की नवमी पर रविवार को रतनपुर माँ महामाया मंदिर में माँ महामाया का राजश्री श्रृंगार किया गया। प्रात:आरती और राजश्री नैवेद्य चढ़ाने के बाद ट्रस्ट द्वारा कन्या और ब्राम्हण भोज का आयोजन किया गया। कन्या, ब्राम्हण भोज के बाद दोपहर पूजन सामग्री के साथ पुजारी सभी ज्योति कलश कक्ष में प्रज्जवलित मनोकामना ज्योति कलश की पूजा अर्चना कर मंत्रोच्चार के साथ ज्योति विसर्जित की जाएगी।

नवरात्रि की नवमीं तिथि पर रविवार को सुबह 7 बजके 30 मिनट में राजश्री श्रृंगार के बाद मंदिर का पट खोला गया। कोरोना महामारी के चलते नवरात्र के दौरान मंदिर का पट दर्शनथियो के लिए बंद कर दिए गए है। जिसके कारण माँ महामाया के राजश्रीश्रृंगार के दर्शन भक्त नही कर सकेगे।। वही मंदिर ट्रस्ट के द्वारा माँ के दर्शन के लिए ऑनलाइन की व्यवस्था की गई है। जिससे लोग माँ के दर्शन कर रहे है।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि माता को रानीहार, कंठ हार, मोहर हार,ढार,चंद्रहार,पटिया समेत 9 प्रकार के हार,करधन,नथ धारण कराया गया। राजश्री श्रृंगार के बाद मां महामाया की महाआरती हुआ । पूजा अर्चना के बाद मां को राजश्री नैवेद्य समर्पित किया गया । आज दोपहर मंदिर परिसर में कन्या भोज होगा । वही ब्राम्हण भोज का आयोजन में मंदिर के पुरोहितों समेत ब्राम्हणों को भोज कराया जाएगा । कन्या और ब्राम्हण भोज के बाद ज्योति कलश रक्षकों को भोज कराकर उन्हें वस्त्र और दक्षिणा प्रदान की जाएगी।

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