22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Raksha Bandhan 2024 Muhurat: भाई की कलाई में राखी बांधने के लिए बहनों को करना होगा इंतजार, नहीं तो.. देखें शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2024 Muhurat: इस साल रक्षाबंधन का पवित्र पर्व सावन मास के पांचवें सोमवार को है। जोकि पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग है।

2 min read
Google source verification
rakshabandhan 2024

Raksha Bandhan 2024 Muhurat: रक्षाबंधन का पवित्र पर्व सावन मास के पांचवें सोमवार को है। इस दिन विशेष संयोग बन रहा है। पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग। ऐसे ही संयोग में बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर राखियां सजाएंगी और लंबी उम्र, सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। ज्योतिषियों के अनुसार, बहनों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि सुबह से दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा काल है।

यह भी पढ़ें: Rakshabandhan Muhurt : रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, दोपहर इतने बजे के बाद बंधेगी राखी

शुभमुहूर्त का इंतजार होगा श्रेष्ठ

हालांकि भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, फिर भी शुभमुहूर्त का इंतजार करना श्रेष्ठ होगा। प्राचीन महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार, भद्राकाल केवल दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। इसके बाद दिनभर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। जिसमें बहने अपने भाइयों को राखी बांधेंगी।

’राज पंचक’ कहलाएगा

वही आपको बता दे कि इस दिन से पंचक भी लग रहा है, जो कि धनिष्ठा नक्षत्र के कारण ’राज पंचक’ कहलाएगा। इसे भी शुभ माना जाता है। रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र, पूर्णिमा और सोमवार का अद्भुत संयोग में ’सर्वार्थ सिद्धि योग’ का निर्माण हो रहा है। यह योग पूरे दिनभर रहने वाला है। खासकर दोपहर 2.06 बजे से रात 8.09 बजे तक रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।

श्रावणी उपाकर्म और पांचवां सावन सोमवार इसी दिन

पंडित योगेश शर्मा ने बताया कि इस दिन ब्राह्मण श्रावणी उपाकर्म भी करेंगे। यह उपाकर्म ऋग्वेदी और यजुर्वेदी ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है, जिसमें नया यज्ञोपवित धारण करेंगे और पूरे वर्ष किए गए पापों का प्रायश्चित करेंगे। इस दिन सिर्फ बहनें ही नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य भी परस्पर रक्षा भाव से रक्षा सूत्र में बंधेंगे।

ये समय याद रखें

पंडित राकेश मिश्रा ने बताया कि भद्रा काल और सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा इस दिन ’रवि योग’ भी रहेगा। जो सुबह 5.53 से 8.10 बजे तक रहेगा। जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग के प्रभाव में दिनभर राखी बांधने का शुभ समय बना रहेगा।

विशिष्ट योग बन रहा: स्वामी इंदुभवानंद

शंकराचार्य आश्रम के स्वामी इंदुभवानंद महाराज के अनुसार इस बार रक्षाबंधन का पर्व सोमवार श्रवण नक्षत्र में है। यह अत्यंत विशिष्ट योग है, जिसे ज्योतिष में चन्द्रेन्दव योग कहा जाता है। श्रवण युक्त पूर्णिमा होने के कारण श्रावणी उपाकर्म भी आश्रमों में संपन्न होगा। इस मौके पर बटुक ब्राह्मणों का श्रावणी उपाकर्म संस्कार जनेऊ बदलवाकर कराया जाता है।