
लगातार तीसरे साल सबसे स्वच्छ राज्य रहा छत्तीसगढ़। 2021 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पुरस्कार लेते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल।
रायपुर. भारत का सबसे स्वच्छ राज्य का दर्जा पाने वाले छत्तीसगढ़ की स्थिति इस बार संतोषजनक नहीं है। अफसरों की लापरवाही की वजह से छत्तीसगढ़ इस बार यह तमगा खो सकता है। स्थिति यह है कि स्वच्छता सर्वे से पहले केंद्र सरकार की ओर से सिटीजन फीडबैक लिया जाता है। इस बार इसमें भी छत्तीसगढ़ पिछड़ता नजर आ रहा है। इसे देखते हुए सभी आयुक्तों को व्यक्तिगत रुचि लेकर इस कार्य को करने की हिदायत दी गई है। वहीं निकायों ने शौचालयों की मरम्मत नहीं की गई है। जबकि इनमें से अधिकांश निकाय ओडीएफ प्लस प्लस के लिए अपनी दावेदारी कर रहे हैं। रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, कोरबा, दुर्ग और अंबिकापुर शहर ने इस बार वाटर प्लस के लिए आवेदन किया है। इसके लिए इन निकायों को 600 अंक लाना होगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 और ओडीएफ प्लस-प्लस की तैयारियों को लेकर पिछले दिनों नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. ने समीक्षा बैठक की तो इसमें कई तरह की कमजोरी और लापरवाही सामने आई। बैठक में यह बात सामने आई कि सभी निकायों ने सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत का काम नहीं किया है। साथ ही बड़े शहरों में धूल से बचाने के लिए वाटर फाउंटेन कार्य में देरी हो रही है। इसमें रायपुर नगर निगम भी शामिल है। सभी बड़े शहरों को यह काम प्राथमिकता के साथ करने की हिदायत दी गई है।
सिर्फ अंबिकापुर में नाली में कचरा रोकने की व्यवस्था
अंबिकापुर नगर निगम को छोड़ कर अन्य निकायों में नाली में कचरा जाने से रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्क्रीन नहीं लगाई गई है। ऐसे में निकाय ओडीएफ प्लस प्लस सर्वे में फेल हो सकते हैं। अफसरों को इस पर गंभीरता से काम करने की हिदायत दी गई है।तालाब में कचरा और सड़कों में गड्ढे से घटेंगे अंकअफसरों निकायों को हिदायत दी है कि वो अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले तालाबों के कचरों और सड़कों में हुए गड्ढों पर ध्यान दें। इसके अलावा टूटे-फूटे फुटपाथ की भी मरम्मत करने को कहा गया है। यदि यह व्यवस्था संतोषजनक नहीं रहती है, तो सर्वे में निकायों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
मिशन अमृत के कार्यों को पूरा करने टारगेट तय
बैठक में अमृत मिशन के कामों की भी समीक्षा की गई। इसमें जिन 9 निकायों में इस योजना के तहत काम हो रहे हैं, उनकी समय-सीमा भी तय की गई। रायपुर नगर निगम को जल प्रदाय योजना फेस एक का काम अप्रैल 2022, फेस टू का काम जून 2022 और सीवेज मास्टर प्लान का काम मई 2022 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में इस बात को लेकर नाराजगी जताई गई कि निकायों में नल कनेक्शन देने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी को अतिरिक्त दल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
21 Mar 2022 12:18 am

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