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चिप्स में हुई नियम विरुद्ध भर्तियां, वेतन 80 हजार से ढाई लाख

छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) में भाजपा शासन काल में भर्ती नियमों को ताक में रखकर 21 पदों में 7 पदों पर नियम विरुद्ध भर्ती कर दी गई। पत्रिका को मिली जानकारी के मुताबिक जिन लोगों की नियुक्ति की गई वो शासन द्वारा निर्धारित आयु सीमा को पार कर चुके थे। चिप्स में 2016 में ज्वाईंट सीईओ, बिजनेस मैनेजर, सीनियर मैनेजर, अस्टिेंट मैनेजर की भर्ती की गई।

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चिप्स में हुई नियम विरुद्ध भर्तियां, वेतन 80 हजार से ढाई लाख,चिप्स में हुई नियम विरुद्ध भर्तियां, वेतन 80 हजार से ढाई लाख

रायपुर। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) में भाजपा शासन काल में भर्ती नियमों को ताक में रखकर 21 पदों में 7 पदों पर नियम विरुद्ध भर्ती कर दी गई। पत्रिका को मिली जानकारी के मुताबिक जिन लोगों की नियुक्ति की गई वो शासन द्वारा निर्धारित आयु सीमा को पार कर चुके थे। चिप्स में 2016 में ज्वाईंट सीईओ, बिजनेस मैनेजर, सीनियर मैनेजर, अस्टिेंट मैनेजर की भर्ती की गई।

चिप्स में इन्हीं आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों का बोलबाला है। इन अधिकारियों को डेढ़ से ढाई लाख रुपए तक की प्रतिमाह सैलरी मिल रही है जो राज्य शासन के पे गाईड लाइन नियमों का खुला उल्लंघन है। सरकार की गाईडलाइन अनुसार इस स्तर के अधिकारियों को अधिकतम सैलरी 60 हजार रुपए प्रतिमाह मिलनी चाहिए। लेकिन संविदानियुक्ति पर आए अधिकारियों को गाइडलाइन से कही ज्यादा तीन-चार गुना सैलरी मिल रही है।

नियुक्ति पर आए इन अधिकारियों के कारण विभाग के पात्र अधिकारियों का प्रमोशन रूका हुआ है। जिन की नियुक्ति हुई है उनमें से अधिकांश प्रदेश के बाहर के हैं। जिनकी नियुक्ति 3 साल पहले भाजपा शासन के समय में हुई थी।

15 दिन तक बंद रहा चिप्स का सर्वर

25 लाख से ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों के होते हुए भी बीते एक माह पहले चिप्स के सर्वर 15 दिन तक बंद था। जिसकी वजह से आम लोग परेशान तो हुए ही थे साथ ही पीईटी और पीपीएचटी की परीक्षा भी रद्द हो गई थी।

नॉन टेक्निकल इंचार्ज की नियुक्ति हुई

डाटा सेंटर इंचार्ज की नियुक्ति के लिए अनिवार्य शर्तों का भी पालन नहीं किया गया। जिस व्यक्ति को इंचार्ज बनाया गया उसकी क्ववालिफिकेशन भी तय मापदंड के अनुरूप नहीं है। साल 2016 में डाटा सेंटर इंचार्ज के पद पर दक्षिण भारत के एक व्यक्ति की नियुक्ति की गई। 2016 में हुई नियुक्ति के लिए ना तो जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई और ना ही तय मापदंडों का ध्यान रखा गया। चिप्स से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि इंचार्ज की योग्यता बीएससी मैथमेटिक्स हैं, जबकि डाटा सेंटर इंचार्ज के लिए आईटी इंजीनियर होने की शर्त अनिवार्य है। इंचार्ज को करीब ढाई लाख रूपए सैलरी दी जा रही है।

नहीं हुआ किसी प्रकार का टेस्ट

नियमों को शिथिल कर बिना किसी का प्रकार टेस्ट लिए उंचे वेतन में नियुक्ति चिप्स में सीईओ रहते हुए आईएएस एलेक्स पाल मेनन ने की थी। चिप्स छत्तीसगढ़ सरकार की ढाई सौ से ज्यादा वेबसाइट संचालन का काम देखती है। सरकार के कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण डाटा को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी चिप्स पर ही है। लेकिन डाटा सेंटर इंचार्ज का नान टेक्नीकल होना सवाल उठाता है।