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रायपुर

River Pollution: मध्य भारत की सबसे गंदी नदी, खारून में बढ़ा प्रदुषण, गिरता है 16 नालों-उद्योगों का वेस्ट

River Pollution: इसलिए जल अधिनियम 1974 के तहत उद्योगों के किसी भी उपचारित, अशोधित अपशिष्ट जल को नदी या किसी सतही जल निकाय में नहीं छोड़ेगा।

रायपुरMay 30, 2024 / 02:03 pm

Shrishti Singh

River Pollution - Kharun

River Pollution: रायपुर की लाइफ लाइन खारुन नदी के बढ़ते प्रदूषण को लेकर शासन ने चिंता जताई है। साथ ही रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम और कुम्हारी नगर पालिका के अधिकारियों को पत्र लिखकर नगरीय प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण कर उद्योगों का अपशिष्ट खारुन नदी में आए, इस पर लगाम लगाएं। साथ ही कड़ी कार्रवाई की जाए।

निकायों को जारी पत्र में कहा गया है कि एनजीटी के 2018 के प्रकरण के संबंध में सेंट्रल कमेटी की 18वीं बैठक 11 जनवरी 2024 को हुई थी। इसमें खारुन नदी के बढ़ते प्रदूषणस्तर (River Pollution) को संज्ञान में लेते हुए अवगत कराया गया है कि नदी को प्राथमिकता श्रेणी चौथे और दो में शामिल किया गया है। जो कि नदी के बढ़े प्रदूषण स्तर को दर्शाता है।

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इसलिए जल अधिनियम 1974 के तहत उद्योगों के किसी भी उपचारित, अशोधित अपशिष्ट जल को नदी या किसी सतही जल निकाय में नहीं छोड़ेगा। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में कोई भी उपचारित, अशोधित जल उद्योग परिसर के बाहर नहीं छोड़ेगा तथा जीरो डिस्चार्ज (River Pollution) की शर्त हर समय बनाए रखेगा। ऐसे उद्योग जो इसका पालन नहीं करता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई निकायों द्वारा की जाए।

River Pollution: अब भी कुछ नालों का पानी आ रहा खारुन नदी में

जीवनदायिनी खारुन नदी में अब भी रायपुर नगर निगम क्षेत्र की तरफ से एक-दो नाले और कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र की ओर से करीब 10 नालों का पानी गिर रहा है। इस कारण खारुन नदी का प्रदूषण (River Pollution) कम नहीं हो पा रहा है।

रायपुर नगर निगम ईई अंशुल शर्मा का कहना है कि नगर निगम रायपुर द्वारा लगभग सभी नालों के पानी को डायवर्ट कर एसटीपी में ट्रीटमेंट किया जा रहा है। निमोरा में एक और एसटीपी लगाने का प्लान है। इसमें छोकरा नाले का पानी ट्रीटमेंट किया जाएगा।

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स्वच्छता का निरीक्षण करने एनजीटी की टीम जून में आएगी

प्रदेशभर के 180 निकायों में वर्ष 2024 स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण करने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम जून में कभी भी आ सकती है। इसलिए नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को केंद्र सरकार द्वारा जारी आरएफ मॉडल के अनुसार स्वच्छता अभियान (River Pollution) चलाने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी की टीम हर साल निरीक्षण के लिए आती है। इस बार भी जून में आएगी।

लोकसभा चुनाव के कारण इस बार एनजीटी की टीम को आने में विलंब हुआ है। निकायों के स्वच्छता अभियान का निरीक्षण करने के लिए स्टेट टीम निकायों में गई थी। इसमें अधिकतर निकायों में ढेरों खामियां पाई गई। सबसे ज्यादा खामियां नए नगर पंचायतों में मिली। इसके बाद बड़े नगर निगमों में भी स्वच्छता (River Pollution) को लेकर बहुत खामियां मिली हैं। जिसे तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

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