रायपुर. सांसद सुनील सोनी ने कहा, 5 हजार करोड़ के चावल घोटाले ने मानवता को शर्मिंदा किया है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।
एकात्म परिसर में पत्रकारवार्ता के दौरान कहा, भाजपा सरकार के समय जिस पीडीएस सिस्टम का यश दुनिया भर में था। उसे कांग्रेस सरकार ने कलंकित कर दिया है। उन्हाेंने कहा, विधानसभा में इसे लेकर जब आंकड़े पेश किए गए तो खाद्य विभाग के डेटाबेस में 1.65 लाख मीट्रिक टन चावल था। जबकि जिले के डेटाबेस में 96 हजार मीट्रिक टन चावल अंकित है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत केंद्र से हर महीने छत्तीसगढ़ को 1 लाख 385 टन अतिरिक्त आवंटन किया जा रहा है। प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल प्रति महीने के हिसाब से इससे 2 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने यह लाभ मिलना था, लेकिन इसमें से मुश्किल से एक तिहाई लोगों तक यह लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सजा देने की भी मांग की है।
मंत्री ने दी रमन को चुनौती
इस मामले में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने घोटाले से इनकार किया है। मंत्री ने रमन सिंह के बयान पर चुनौती देते हुए कहा कि जांच में गड़बड़ी निकली तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। यदि नहीं निकलती, तो क्या रमन सिंह इस्तीफा देंगे। इसके बाद पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने घोटाले से जुड़े छह पन्नों की जानकारी सोशल मीडिया में जारी की है।