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छत्तीसगढ़ का पहला अंतरिक्ष केंद्र शुरू, अब जिलों में भी खुलेंगे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की घोषणा

CG News: कार्यक्रम में अंंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने भी बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा, यह केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी।

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इसरो का एलवीएम-3 (एम6) प्रक्षेपणयान आज श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ब्लूबर्ड-6 (ब्लॉक-2) उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। (Photo Credit - ISRO @X)

CG News: छत्तीसगढ़ के बच्चों को अब सैटेलाइट निर्माण की प्रक्रिया और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मौजूदगी में मंगलवार को नवा रायपुर के शासकीय स्कूल राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ हुआ।इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष केंद्र शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम में अंंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने भी बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा, यह केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। सीएम ने कहा, यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे।

उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा, यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और मंत्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया।

संयम रखे और मेहनत पर भरोसा रखे: शुक्ला

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

उन्होंने कहा, 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

यह होगा अंतरिक्ष केंद्र में खासइस अंतरिक्ष केंद्र में स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, स्टूडेंट सैटेलाइट लेबोरेटरी, ग्राउंड स्टेशन एवं मिशन कंट्रोल सेंटर की सुविधा उपलब्ध है। यहां विद्यार्थी स्वयं उपग्रह का डिज़ाइन, असेम्बली, परीक्षण तथा सिग्नल व डेटा डिकोडिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जशपुर के बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का बटन दबाकर प्रक्षेपण किया।

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