ताबीर हुसैन @ रायपुर. सडक़ हादसों में जान जाने या विकलांग होने की प्रमुख वजह बिना हेलमेट के बाइक चलाना है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में हर साल 1.35 मिलियन लोग हेलमेट न पहनने के कारण दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए पं. रविशंकर शुक्ल विवि के एमएससी फाइनल ईयर ( इलेक्ट्रानिक ) के अरुण पटेल और भूमिका साहू ने स्मार्ट हेलमेट का ईजाद किया है। इसमें कई ऐसे फीचर हैं जिससे एक्सीडेंट में कमी आएगी। लोगों की जान बचाई जा सकेगी। अरुण ने बताया, यदि बल्क में बनाया जाए तो इसकी लागत प्रति हेलमेट 4 हजार के आसपास होगी। फिलहाल हमने इसे 2500 रुपए में तैयार किया है।
इन चीजों का इस्तेमाल
– एमक्यू 3 एल्कोलहल सेंसर
– लिमिट स्वीच
– जीएसएम मॉड्यूल
– जीपीएस मॉड्यूल
– वाइब्रेशन सेंसर
– पल्र्स रेट सेंसर
– कैमरा
ऐसे आया आइडिया
देवपुरी निवासी अरुण ने बताया, रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल साढ़े सात लाख एक्सीडेंट हो रहे हैं। इनमें से डेढ़ लाख मौतें हो रही हैं। यह आंकड़ा हेलमेट न पहनने से हुए हादसों का है। इसलिए हमने सोचा कि ऐसा कुछ किया जाए जिससे लोगों में अवेयरनेस हो और दुर्घटनाओं में कमी आए। अभी इस प्रोजेक्ट में काम चल रहा है। अरुण ने कहा कि अगर इस प्रोजेक्ट के लिए हमें फंडिंग मिले तो यह आइडिया सबके काम आ सकता है।
यह होगा फायदा
– बिना हेलमेट के बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी।
-अगर हादसा हुआ तो लोकेशन समेत घर में मैसेज चला जाएगा। घर वाले लोकेशन पर पहुंच सकते हैं।
– कोई ट्रक ड्राइवर शराब पीया हो तो 10 मीटर के दायरे में आते ही आपको सूचना मिल जाएगी। इससे आप एलर्ट होकर बाइक बिल्कुल साइड कर लेंगे।
– कोई ठोक कर निकल जाए तो हेलमेट में लगा कैमरा उस गाड़ी का नंबर कैप्चर कर लेगा।