
टेंशन में थी लिटिल चैंप की विनर, अक्षय कुमार बोले टेंशन नई लेने का
ताबीर हुसैन @ रायपुर. मैं अभी आठवीं में हूं। जब से स्टेज परफॉर्म शुरू किया है तब से पढ़ाई थोड़ी प्रभावित जरूर हुई, लेकिन एक्स्ट्रा क्लास से उसे मैनेज कर लेती हूं। जब स्कूल जाती हूं तो मेरे फ्रेंड्स कहते हैं वो आ गई अंजलि हमारी सुपर स्टार। इसी तरह टीचर्स का भी बहुत प्यार मिलता है। फ्रेंड्स मुझे सेलेब्स जैसा फील कराते हैं। ये कहना है कि रियलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप 2017 की विनर अंजलि गायकवाड का। वे यहां पं. विमलेंदु मुखर्जी संगीत महोत्सव के आखिरी दिन परफॉर्म करने आईं थीं। उनके पापा और गुरु अंगद गायकवाड़ और दीदी नंदिनी भी आए थे। अंजलि ने बताया कि टीवी पर सारेगामापा लिटिल चैंप के रिऑडिशन का एड देखा। मुझे भी टीवी पर जाने की इच्छा थी। मैंने पापा से कहा तो उन्होंने प्रोसेस की जानकारी ली और हमने मुंबई में ऑडिशन दिया।
प्रोग्राम 10 महीने चला था जिसके लिए हम 5 महीने मुंबई में रहे। यहां उन स्टार्स को आमने-सामने देखा और बात की जिन्हें सिल्वर स्क्रीन पर देखकर मिलने की इच्छा होती थी। जब अक्षय कुमार आए थे, मैं प्रेक्टिस कर रही थी। उन्होंने बुलाया और पूछने लगे कि टेंशन में हो? मैं ने कहा कि थोड़ी नर्वस हूं। इस पर उन्होंने मराठी में मुझे समझाया कि टेंशन नहीं लेने का। सब अच्छा होगा। उन्होंने मेरे पैरेंट्स और दीदी से भी बात की। उनके साथ बिताए पल हमेशा यादों
में हैं।
क्लासिकल म्यूजिक में रहा है इंट्रेस्ट
अंजलि ने बताया कि संगीत का माहौल घर पर ही था। मेरे गुरु तो पापा ही हैं। वे घर में बच्चों को शास्त्रीय संगीत की शिक्षा देते हैं। मैं जब तीन साल की थी तब से सुनते और समझते आ रही हूं। संगीत के प्रति मेरा रुझान देखकर पापा समझ गए और उन्होंने मुझे सिखाना शुरू किया। मेरे से पहले दीदी नंदिनी जो मुझसे 2 साल बड़ी है। उसका भी सलेक्शन लिटिल चैंप के लिए हुआ था। टॉप 10 तक उसने जगह बनाई थी। सच कहूं तो मैंने दीदी को फॉलो किया है।
अच्छे गुरु से तालीम लें
जो बच्चे संगीत में रुचि रखते हैं उनके लिए अंजलि ने कहा कि सबसे पहले तो अच्छे गुरु से क्लासिकल म्यूजिक की तालीम लीजिए। उसके बाद लगातार रियाज जरूरी है। ये दोनों चीजें जब तक नहीं होंगी, संगीत के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ा जा सकता।
Published on:
24 Jan 2019 01:48 pm
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