
Sawan And Shiv: सावन के अंतिम सोमवार पर आस्था की धारा से शिव का अभिषेक
महादेव घाट िस्थत हटकेश्वर नाथ, बंजारीधाम िस्थत बंजरेश्वर महादेव सहित अनेक मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। शिवालयों के पट दिनभर में तीन बार बंद करने पड़े। इस दौरान अनेक प्रकार के पुष्प, फलों, पत्तियों से शृंगार कर महाआरती की गई। आखिरी सावन सोमवार होने से महादेवघाट से लेकर मंदिर तक भक्तों की कतार जल लाने के लिए लगी रही। वहीं वालंटियर व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। बोल बम, हर हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गुंजित होते रहे। सोमवार का व्रत रखकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अभिषेक पूजन किए। 9 अगस्त को सावन मास का समापन होगा।
अंतिम सावन सोमवार पर भगवान शिव का आकर्षक श्रृंगार किया गया। महादेव घाट िस्थत हटकेश्वर नाथ ने खाटू श्याम और बुढ़ेश्वर महादेव ने बाबा बर्फानी के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी भगवान महादेव का विभिन्न रूपों में श्रृंगार किया गया।
प्राचीन राजराजेश्वरी महामाया माता मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक कर भगवान शिव की महाआरती की गई। मंदिर समिति के सदस्यों ने चाराें तरफ बैठकर पूजा की। यहां भगवान बादलों के बीच नजर आए।
पुरानी बस्ती भनपुरी के गनपत बाड़ा स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में सावन के आखिर सोमवार पर रुद्राभिषेक किया गया। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। भंडारे का भी आयोजन किया गया।
प्राचीन दत्तात्रेय मंदिर में भोलेनाथ व दत्त प्रभु का दुग्धाभिषेक , पं. राजेश शर्मा सहित ब्रह्मणों के सस्वर रुद पाठ से हुआ। इस दौरान सहस्र जलधारा अनवरत् तीन घंटे तक चली। रुद्राभिषेक, श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ व दत्त प्रभु के शृंगार किया और हज़ारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रमुख रूप से अध्यक्ष हरि वल्लभ अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
Updated on:
05 Aug 2025 12:51 am
Published on:
05 Aug 2025 12:51 am
