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श्रीराम कथा: श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाकर भक्त और भगवान के बीच जाहिर की प्रेम की पराकाष्ठा

लाल बहादुर शास्त्री मैदान में आयोजित श्रीराम कथा के छठवें दिन संत मानस मर्मज्ञ विजय कौशल महाराज ने कथा प्रसंग के दौरान सूर्पणखा के नाक कटने की घटना को बहुत ही रोचक अंदाज में सबके सामने रखा। सूर्पणखा ने घटना की जानकारी अपने भाई खर दूषण को बताई।

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बिलासपुर. भगवान राम ने राक्षसी सेना का एक ही वाण में समूल नष्ट कर दिया। महाराज ने बताया कि रावण ज्ञानी था। लेकिन राक्षसी बुद्धि और शाप के कारण राक्षस बना। उसने मायावी रूप धारण कर सीता का अपहरण किया। जटायु राम संवाद के दौरान विजय कौशल ने बताया कि जटायु राजा दशरथ का मित्र था। लेकिन दशरथ को भगवान के हाथों अंतिम संस्कार का भाग्य नहीं मिला। लेकिन जटायु का अंतिम संस्कार खुद विधाता ने किया, क्योंकि भगवान के लिए भक्त हमेशा प्यारे होते हैं। यही कारण है कि जटायु की मनोकामना को राम ने पूरा किया।

सीता ने तोड़ी मर्यादा, शबरी ने इंतजार किया...
संत प्रवर के मुख से शबरी और राम संवाद को सुनकर पूरा पंडाल मंत्र मुग्ध हो गया। उन्होंने बताया कि राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर भक्त और भगवान के बीच प्रेम की पराकाष्ठा को जाहिर किया। ऊंच नीच की भावना को मिटाया। महाराज ने कहा दुर्घटनाओं का कारण खुद इंसान ही होता है। सीता ने मर्यादा तोड़ी, लालच किया, संतों से दूरी बनाई इसी कारण माया ने उनका अपहरण किया। जबकि शबरी ने मर्यादा का पालन कर संत मिलन का इंतजार किया और भगवान पर भरोसा रखा। राम ने चरणों में स्थान दिया।

मारवाड़ी समाज ने किया प्रसाद वितरण
छठवें दिन श्रद्धालुओं के बीच मारवाड़ी समाज की तरफ से प्रसाद वितरण किया गया। रामकथा के दौरान पत्रकारों के अलावा अमर अग्रवाल पूर्व विस अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, और समिति के पदाधिकारियों ने प्रभु श्री राम की आरती कर आशीर्वाद लिया। व्यासपीठ की तरफ से मुख्य संरक्षक अमर अग्रवाल एवं शशि अग्रवाल को वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने अपनी शुभकामनाएं दी। संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने शुभ आशीष दिया। प्रतिदिन प्रात: अमर अग्रवाल के राजेंद्र नगर निवास पर व्यासपीठ की ओर से प्रतिदिन होने वाले हनुमान स्तुति एवं अनुष्ठान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण सूचना दी गई।