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Shubh Muhurat Ganpati Sthapana : जगह- जगह विराजेंगे गणपति बप्पा, सुबह 11 बजे से शाम तक मूर्ति स्थापना का शुभमुहूर्त

Shubh Muhurat Ganpati Sthapana : गणेश जी का पूजन दोपहर में करने का विधान है। सबसे पहले पूजास्थल को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध कर लें। इसके बाद अब आप भगवान गणेश का आह्वान और मंत्रोच्चार करें। दोपहर के समय शुभ मुहूर्त में गणपति जी की प्रतिमा एक चौकी पर लाल कपड़े के ऊपर स्थापित करें। विधि विधान से उनका पूजन करें और फिर उन्हें सिन्दूर और उनके सबसे प्रिय मोदक यानी लड्डू, पुष्प और 21 दूर्वा अर्पित करें। गणपति बप्पा को दूर्वा अर्पित करते समय ऊँ गणाधिपतये नम मंत्र का जाप करें।

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Shubh Muhurat Ganpati Sthapana : रायपुर. भादो मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शुक्रवार को है। सूर्योदय से दिनभर चतुर्थी तिथि पर प्रथम देव मंगलमूर्ति घरों से लेकर पूजा पंडालों तक विराजेंगे। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार गणेशजी का जन्म दोपहर 12 बजे हुआ था। सुबह 11.03 बजे से मध्यान्ह काल तक और शाम तक मूर्ति स्थापना (Ganesh Chaturthi 2021) का शुभमुहूर्त है। भद्रा का कोई प्रभाव नहीं है।

सुबह 6.20 से 8.29 बजे तक कन्या लग्न
8.29 से 10.42 बजे तुला लग्न
5.53 से 6.20 बजे तक सूर्योदय सिंह लग्न

ज्योतिषी डॉ. विनीत शर्मा, नवापारा के अनुसार तुला राशि का चंद्रमा शुक्रवार और गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) का संयोग कई वर्षों बाद बन रहा है। गणेशजी का जन्म कन्या लग्न और कन्या राशि में संवत 2078 में हुआ था। ऐसी मान्यता है। संयोग कल्याणकारी है। चतुर्थी पर चित्रा नक्षत्र ब्रह्म योग मुसल योग और तुला राशि का संयोग बन रहा है। चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेगा।

जमकर हो रही छोटी गणेश मूर्तियों की बिक्री
प्रथम पूज्य भगवान गणेश की स्थापना की तैयारियों में भक्त जुट गए हैं। ग्रामीण अंचलों समेत कई स्थानों में प्रतिमा स्थापित करने युवा जुटे हुए हैं। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए इस साल बड़े गणेश की प्रतिमा बैठाने की इजाजत तो नहीं है, छोटे गणेश पंडालों में बैठाने के लिए युवा तैयारी कर रहे हैं। पंडाल सजाएं जा रहे हैं। घरों में भी गणपति की प्रतिमा स्थापित (Ganpati Sthapana Puja Vidhi) कर धूमधाम के साथ गणेशाोत्सव मनाने की तैयारियां की जा रही है।

ज्ञात हो कि 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। शुभ मुहूर्त में प्रथम पूज्य भगवान गापति कल जगह जगह विराजेंगे। जिसके बाद पूरे 11 दिनों तक भक्तिमय वातावरण छाया रहेगा। मूर्तियां बनाने वाले कलाकार मूर्ति को अंतिम रूप दे चुके हैं। बाजारों में प्रतिमाएं बिकने के लिए पहुंच चुकी है। छोटे आकार वाले गणपति की जमकर बिक्री हो रही है। कीमतों में पिछले साल की तुलना में लगभग 20 फीसदी का इजाफा हुआ है।